इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर , 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान 6.0 में भाग लेने के लिए तैयार हैं। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता , स्थिरता और बेहतर प्रशासन के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। इसमें ई-कचरे के प्रभावी संग्रह , पृथक्करण और निपटारे पर नए सिरे से जोर दिया गया है। विशेष अभियान 5.0 ( अक्टूबर 2025) के दौरान , मंत्रालय ने अपने कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में व्यापक गतिविधियाँ चलाईं , जिससे लंबित मामलों के निपटारे , अनुपयोगी फाइलों के निपटान और स्थान के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई। इन प्रयासों ने स्थायी दस्तावेज प्रबंधन और बेहतर सेवा वितरण की नींव रखी।अभियान के बाद की अवधि में इस गति को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। पुराने रिकॉर्ड हटा दिए गए , कचरा निपटान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया गया और शिकायतों का अधिक कुशलता से समाधान किया गया , जो स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को एक सतत प्रक्रिया बनाने के लिए मंत्रालय के संकल्प को दर्शाता है। विशेष अभ...
वन क्षेत्र में सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 7 वीं बैठक 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अपर महानिदेशक (वन) श्री रमेश कुमार पांडे ने किया , जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जापान सरकार के कृषि , वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय के वानिकी एजेंसी के उप महानिदेशक श्री शिमिजु कोटारो ने किया। इस बैठक में सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। वनों के बाहर वृक्ष (टीओएफ) कार्यक्रम के अंतर्गत , दोनों पक्षों ने वनों के बाहर वृक्ष संसाधनों के आकलन , प्रबंधन और आनुवंशिक सुधार पर अपने अनुभव साझा किए। आनुवंशिक संसाधन संरक्षण , वृक्ष प्रजनन , उन्नत रोपण सामग्री और जीव द्रव्य (जीवित आनुवंशिक सामग्री) संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए वन आनुवंशिकी पर चर्चा की गई। वन भंडार के अंतर्गत , दोनों पक्षों ने वन सूची , वन भंडार आकलन और भू-स्थानिक एवं निगरानी प्रौद्योगिकियों पर अपने विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने 2015 में हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन (एमओसी) के तहत 202...