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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा हेतु सीएक्यूएम की 28वीं पूर्ण आयोग बैठक आयोजित

  दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की 28 वीं पूर्ण आयोग बैठक 15.05.2026 को श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श और समीक्षा की गई। आयोग ने सीएक्यूएम अधिनियम , 2021 की धारा 12 के अंतर्गत मसौदा निर्देश संख्या 99 जारी करने को स्वीकृति प्रदान की , जो वर्ष 2026 में धान की पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण हेतु कार्ययोजना के कार्यान्वयन से संबंधित है। इसका उद्देश्य एनसीआर राज्यों में धान की पराली जलाने की घटनाओं को पूर्णतः समाप्त करना है। आयोग ने उल्लेख किया कि राज्य सरकारों ने सीएक्यूएम द्वारा प्रदान किए गए व्यापक ढांचे के अनुरूप धान कटाई सत्र- 2026 के लिए राज्य-विशिष्ट कार्ययोजनाएं तैयार और अद्यतन की हैं। आयोग ने मसौदा निर्देश संख्या 100 जारी करने को भी स्वीकृति दी , जिसके अंतर्गत क्षेत्र में स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से दिल्ली-एनसीआर में चरणबद्ध तरीके से केव...
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छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले में भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने वाटरशेड विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई, आजीविका संवर्धन और मृदा एवं जल संरक्षण संबंधी पहलों की समीक्षा की

भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव श्री नरेंद्र भूषण के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के धमतारी जिले के मगरलोद ब्लॉक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 ( डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के वाटरशेड विकास घटक के अंतर्गत वाटरशेड विकास परियोजनाओं का व्यापक क्षेत्र दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षात्मक सिंचाई , आजीविका संवर्धन और मृदा एवं जल संरक्षण पर केंद्रित विभिन्न पहलों की समीक्षा की। इस प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव (वाटरशेड प्रबंधन) श्री नितिन खाडे और जिला अधिकारी श्री अबिनाश मिश्रा शामिल थे। सांकरा गांव के दौरे के दौरान , सचिव ने वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी) और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से निर्मित 40.34 लाख रुपये की लागत से बने एक स्टॉप डैम का निरीक्षण किया। इस डैम से लगभग 80-85 एकड़ भूमि सिंचित हो गई है और 50 से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है। बेलाउदी गांव में , प्रतिनिधिमंडल ने 20.20 लाख रुपये की लागत से विकसित 430 मीटर लंबी सिंचाई नहर की समीक्षा की , जो वर्तमान में लगभग 150 एकड़ भूमि को सिंचित कर ...

आईआईटीएम पुणे में अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, जलवायु उद्यमिता परिवर्तनकारी बदलाव के लिए डबल्यूआईएसई-2026 सम्मेलन आयोजित

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय  के अंतर्गत भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान -आईआईटीएम , पुणे ने आज मौसम और जलवायु क्षेत्र में स्टार्टअप्स के लिए समर्पित इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नए स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन , मौसम और जलवायु नवाचार सम्मेलन -ड्ब्ल्यू आई एस ई- 2026 आयोजित किया गया जो भारत की मौसम विज्ञान सेवाओं में निजी क्षेत्र के एकीकरण के नए युग का संकेतक है।  मुख्य अतिथि , पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय सचिव डॉ. एम.रविचंद्रन ने इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान- एनआईएएस के निदेशक और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव डॉ. शैलेश नाइक , आईआईटीएम के निदेशक डॉ. ए सूर्यचंद्र राव और अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें। यह इन्क्यूबेशन सेंटर राष्ट्रीय वायुमंडलीय प्रौद्योगिकी उद्यम (एनईएटी) का एक महत्वपूर्ण घटक है , जो पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय के मिशन मौसम के अंतर्गत महत्वाकांक्षी परियोजना है , जिसका उद्देश्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी द्वारा प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा देना है...

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में भारत के नेतृत्व को विशिष्ट रूप से स्पष्ट करने और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के उद्देश्यों को बढ़ावा की दिशा में देश भर में कई विषयगत कार्यक्रमों का आयोजन करेगा।

पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत में पाई जाने वाली प्रत्येक बड़ी बिल्ली प्रजाति को समर्पित पांच विषयगत कार्यक्रमों का देश भर में आयोजन करेगा , आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 के पूर्वगामी के रूप में , इन आयोजनों का उद्देश्य भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा बड़ी बिल्ली के संरक्षण में हासिल उपलब्धियों , चुनौतियों और सहयोगात्मक कार्यों को प्रदर्शित करना है इन कार्यक्रमों में भारत की पांच जंगली बड़ी बिल्ली प्रजातियों- बाघ , एशियाई शेर , तेंदुए , हिम तेंदुए और चीते- पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा और भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा संरक्षण में हासिल की गई उपलब्धियों , चुनौतियों और सहयोगात्मक कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। निम्नलिखित स्थलों पर विषयगत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा: ·         एशियाई शेर संरक्षण कार्यक्रम– गिर , गुजरात ·         चीता संरक्षण कार्यक्रम- भोपाल , मध्य प्रदेश ·        तेंदुआ संरक्षण एवं अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम– भ...

आईएमडी द्वारा अत्यंत-स्थानीय मौसम पूर्वानुमान प्रदान करने के लिए एआई-सक्षम प्रणालियां शुरु: डॉ. जितेंद्र सिंह

उन्नत पूर्वानुमान प्रणालियां 10 दिन पहले तक स्थानीय मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएंगी: सरकार ने 16 राज्यों और 3,000 से अधिक उप-जिलों के लिए एआई-सक्षम मानसून पूर्वानुमान प्लेटफार्म शुरू किया , केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के लिए एआई-आधारित मानसून अग्रिम पूर्वानुमान प्रणाली और 1- किमी रिज़ॉल्यूशन वर्षा पूर्वानुमान का शुभारंभ किया . आईएमडी भारत के दैनिक गवर्नेंस और सार्वजनिक निर्णय-निर्माण एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है: डॉ. जितेंद्र सिंह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी , पृथ्वी विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय , कार्मिक , लोक शिकायत , पेंशन , परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत विकसित दो उन्नत मौसम पूर्वानुमान उत्पादों का शुभारंभ किया। इनका उद्देश्य देश भर में अत्यंत-स्थानीय , प्रभाव-आधारित और एआई-संचालित मौसम सेवाएं उपलब्ध कराना है। आज शुभारंभ किए गए दो उत्पादों में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा पहली बार "देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की आगे बढ़ने का पूर्वानुमान" के...

विदर्भ में जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था के रजत जयंती समारोह के अवसर पर 17 और 18 मई को नागपुर में “जलसंवाद” (जल संवाद) और “जलक्रांति” (जल क्रांति) सम्मेलनों का आयोजन किया गया है।

केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी की जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील , नागपुर में 17 और 18 मई को  ‘जल-संवाद’ और ‘जलक्रांति’ सम्मेलन  आयोजित किए जाएंगे,   केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि विदर्भ को किसान आत्महत्या के क्षेत्र के कलंक से मुक्त करने और विदर्भ के गाँवों में जल समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए यहां जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना चाहिए। श्री गडकरी आज आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे , जिसमें विधायक चरणसिंह ठाकुर और उमेश यावलकर भी मौजूद थे।श्री गडकरी ने आगे कहा कि देश में जल की कमी नहीं है ; बल्कि जल संसाधनों की उचित योजना और प्रबंधन की कमी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैविक खेती , ड्रिप सिंचाई और कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से जल प्रबंधन संभव है। उन्होंने बताया कि फार्म तालाबों से निकाली गई मिट्टी का उपयोग अकोला , वाशिम और बुलढाणा जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया गया है , जिससे पश्चिमी विदर्भ में भूजल स्तर बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि क्षेत्र के किसानों ने अपनी फसल ...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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