भारतीय संविधान की 12 वीं अनुसूची के अनुसार , नगर नियोजन राज्य सरकारों और शहर के स्तर पर शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी)/शहरी विकास प्राधिकरणों के अधिकार क्षेत्र में आता है। भारत सरकार योजनाओं के माध्यम से हस्तक्षेप , सलाह , दिशा-निर्देशों , वित्तीय सहायता और तकनीकी सहायता के ज़रिए शहरी नियोजन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्यों के प्रयासों को गति देती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार , राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने 2019 में ' हीट वेव की रोकथाम और प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार करने हेतु राष्ट्रीय दिशा-निर्देश ' तैयार किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार , शहरों को अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों की पहचान करने के लिए संवेदनशीलता का आकलन करना चाहिए और अपनी हीट एक्शन प्लान (एचएपी) में उचित शमन उपायों को शामिल करना चाहिए। अब तक 23 राज्यों , 195 जिलों और 64 शहरों द्वारा हीट एक्शन प्लान (एचएपी) तैयार किए जा चुके हैं। इसके अलावा , राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने "भारतीय शहरों में लू के दौरान अनौपचारिक श्रमिकों की सुरक्षा...
' मन की बात ' के 28 जून 2026 को प्रसारित 135 वें संस्करण में माननीय प्रधानमंत्री ने देशवासियों से वर्षा की प्रत्येक बूंद बचाने तथा जल संरक्षण अभियान को पूरे देश में लगातार गति देने का आह्वान किया। इसकी प्रतिक्रिया में 4 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक देश भर में एक केन्द्रित राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया , जिसका उद्देश्य वर्षा जल को जमा करना , भूजल पुनर्भरण , पारंपरिक जल स्रोतों को पहले जैसा करने , वृक्षारोपण गतिविधियों तथा जनभागीदारी को सशक्त बनाना था। “ कैच द रेन — इस मिशन के जरिये हमें वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को मिलकर बचाना है। मैं सभी देशवासियों से विशेष आग्रह करता हूँ कि वर्षा जल की हर एक बूंद को सामूहिक प्रयास से संरक्षित करें।” — माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हमें जो काम करने हैं: · प्रत्येक घर , सोसायटी एवं कार्यस्थल वर्षा जल संचयन प्रणाली को अपनाए। · उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज पिट एवं रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण करना तथा अनुपयोगी बोरवेलों की मरम्मत कर उ...