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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

स्वच्छ ऊर्जा भंडारण के लिए विकसित किफायती और उच्च-प्रदर्शन वाली थर्मल बैटरी सामग्री

  शोधकर्ताओं ने एक किफायती और कुशल तापीय ऊर्जा भंडारण सामग्री विकसित की है जो केंद्रित सौर ऊर्जा संयंत्रों और औद्योगिक अपशिष्ट ताप पुनर्प्राप्ति प्रणालियों में उपयोग की जाने वाली तापीय बैटरियों की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार कर सकती है। सौर ऊर्जा (सीएसपी) के कुशल उपयोग और औद्योगिक अपशिष्ट ऊष्मा को संग्रहित करने के लिए प्रभावी तापीय ऊर्जा भंडारण (टीईएस) प्रणालियां आवश्यक हैं। वैज्ञानिक तापीय ऊर्जा भंडारण प्रणाली के बेहतर प्रदर्शन के लिए विशिष्ट ताप क्षमता , तापीय चालकता और परिचालन तापमान सीमा बढ़ाने वाली सामग्रियों को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान , इंटरनेशनल एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मैटेरियल्स (एआरसीआई) के शोधकर्ताओं ने थर्मल ऊर्जा भंडारण अनुप्रयोगों के लिए विशिष्ट ताप क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ स्पिनेल नैनो कम्पोजिट फेज चेंज मटेरियल (पीसीएम) के उत्पादन के लिए एक लागत प्रभावी , स्केलेबल प्रक्रिया विकसित की है। डॉ. मणि कार्तिक के नेतृत्व में इंटरनेशनल एडवांस्ड रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर...
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भारत की ग्रीनहाउस गैस इन्वेंटरी प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने पर सीएसआईआर-आईआईपी में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित

भारत अग्रणी विकासशील देश के रूप में , अपने राष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस इन्वेंटरी सिस्टम को सुदृढ बनाकर और कार्बन उत्सर्जन लेखांकन (वह व्यवस्थित प्रक्रिया जिसके द्वारा गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से वातावरण में छोड़ी गई ग्रीनहाउस गैसों की कुल मात्रा मापी जाती है) में सुधार कर वैश्विक जलवायु कार्रवाई में सक्रियता से योगदान दे रहा है। उसने हाल ही में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) को अपनी पहली द्विवार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट प्रस्तुत की है।   इस प्रस्तुति के बाद वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (सीएसआईआर-आईआईपी) और पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से सीएसआईआर-आईआईपी , देहरादून में राष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस इन्वेंटरी पर तीन दिवसीय ज्ञान साझाकरण कार्यशाला 20 से 22 मई , 2026 तक आयोजित की गई। कार्यशाला में सीएसआईआर-केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएफआर) , केंद्रीय खान योजना और डिजाइन संस्थान लिमिटेड (सीएमपीडीआई) , भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) , आईआईटी-इंडियन स्...

भारत ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस-2026 के अवसर पर जैव विविधता संरक्षण और समुदाय-नेतृत्व वाली कार्रवाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, विषय था 'वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना'

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने जैव विविधता संरक्षण परियोजना में स्थानीय कार्रवाई , एबीएस ढांचे और सामुदायिक भागीदारी की भूमिका पर प्रकाश डाला , चीता परियोजना ने पर्यावास संरक्षण , वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया है: मुख्यमंत्री (मध्य प्रदेश) केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस- 2026 के राष्ट्रीय स्तर के समारोह और चीता संरक्षण पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। यह कार्यक्रम ' वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना ' विषय पर आधारित था , जिसमें जैव विविधता संरक्षण , सामुदायिक भागीदारी और पारिस्थितिक बहाली के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश सरकार , राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के सहयोग से आयोजित किया गया था। ...

प्रथम अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन के आयोजन की घोषणा जल्द की जाएगी

1 जून , 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने पहले अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन के आयोजन की नई तिथियों की घोषणा जल्द की जाएगी। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (आईएएफएस चतुर्थ) के साथ होना है। गौरतलब है कि कई अफ्रीकी देश बिग कैट की देखभाल और संरक्षण करने के साथ-साथ पारिस्थितिक स्थिरता और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में वैश्विक प्रयासों में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के साथ परामर्श के बाद चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को बाद में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही , यह भी निर्णय लिया गया है कि अफ्रीकी देशों सहित इसमें शामिल सभी देशों की व्यापक और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए , पहला आईबीसीए शिखर सम्मेलन भी बाद में आयोजित किया जाएगा। प्रतिभागी देशों और हितधारकों के साथ परामर्श के बाद शिखर सम्मेलन की नई तिथियों की घोषणा की जाएगी। भारत जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी भागीदारों के साथ संयुक्त रूप से कार्य करने के लिए दृढ़ता से प्...

मिशन लाइफ के जन-जागरूकता अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।”

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने मिशन लाइफ अभियान के तहत ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ किया , राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर के छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ चिड़ियाघर के शिक्षा केंद्र में ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्यक्रम (एसवीपी) 2026 का सफल शुभारंभ किया। मिशन लाइफ के जन-जागरूकता अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” विषय पर आधारित विश्व पर्यावरण दिवस थीम के अनुरूप है। इसका उद्देश्य युवा छात्रों में जैव विविधता संरक्षण , जलवायु कार्रवाई , वन्यजीव संरक्षण , स्वच्छता और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके लिए इंटरैक्टिव शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से कुल 854 छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इनमें से 60 प्रतिभागियों का चयन “पहले आओ , पहले पाओ” के आधार पर किया गया और पुष्टि के लिए उनसे फोन पर संपर्क किया गया। उद्घाटन दिवस पर दिल्ली-एनसीआर के 15 स्कूलों के 39 छात्रों ने बड़े उत्साह के...

नए अध्ययन से सूर्य के बाहरी वायुमंडल (सौर कोरोना) के रहस्यमय रूप से अधिक गर्म होने के निदान का मार्ग प्रशस्त हुआ

सूर्य के बाहरी वायुमंडल या कोरोना में छिपी अशांति का पता लगाने का एक नया तरीका वैज्ञानिकों को इस लंबे समय से चले आ रहे रहस्य के बारे में नई जानकारी हासिल करने में मदद कर सकता है कि कोरोना सूर्य की दृश्य सतह की तुलना में बहुत अधिक गर्म क्यों है। सूर्य का बाहरी वायुमंडल यानी कोरोना चुंबकीय संरचनाओं से भरा हुआ है जो तरंगों के प्रवाह के साथ लगातार हिलतस रहतस है। इनमें सबसे आम हैं अनुप्रस्थ चुंबकीय जलगतिकीय (एमएचडी) तरंगें , जिन्हें अक्सर अल्फ़वेनिक या किंक तरंगें कहा जाता है। ये तरंगें इन चुंबकीय संरचनाओं के साथ बाहर की ओर बढ़ते हुए कोरोना की संरचनाओं को अगल-बगल दोलन कराती हैं। स्पेक्ट्रोस्कोपी के अनुसार ऐसी तरंगें प्रत्यावर्ती लाल और नीले डॉप्लर शिफ्ट उत्पन्न करती हैं , जो चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत अनुप्रस्थ गतियों के कारण प्रेक्षक की ओर और उससे दूर जाने वाले प्लाज्मा के संकेत हैं। हालांकि , क्या ये प्रसारित अनुप्रस्थ तरंगें कोरोनल स्पेक्ट्रल रेखाओं के आकार को भी संशोधित कर सकती हैं , जिससे अन्यथा गाऊसी प्रोफाइल में मापने योग्य विषमताएं उत्पन्न हो सकती हैं , यह अभी तक अवलोकन के आधार पर स...

वन अधिकारी की जिम्मेदारी सेवानिवृत्ति के बाद भी समाप्त नहीं होती, क्योंकि वे सदैव ‘मूक वनस्पतियों और जीव-जन्तुओं की आवाज’ बने रहते हैं- श्री भूपेंद्र यादव

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भारतीय वन सेवा के मध्य-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों से संवाद किया ; उन्हें "मूक वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की आवाज" बताया केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में भारतीय वन सेवा के मध्य-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। अपने प्रेरणादायक संबोधन में श्री यादव ने कहा कि ' विकसित भारत ' का मार्ग ' हरित भारत ' से होकर गुजरता है और उन्होंने वैश्विक संरक्षण प्रयासों में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक वन अधिकारी की जिम्मेदारी सेवानिवृत्ति के बाद भी समाप्त नहीं होती , क्योंकि वे सदैव ‘मूक वनस्पतियों और जीव-जन्तुओं की आवाज’ बने रहते हैं। मंत्री महोदय ने प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी कि भारत जून के प्रथम सप्ताह में पहली बार आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शि...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये