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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब नागरिक जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनें

  विकास और पर्यावरण को विरोधी शक्तियों के रूप में नहीं , बल्कि एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखा जाना चाहिए: वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब नागरिक जल संरक्षण , ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनें: लोक सभा अध्यक्ष समावेशी विकास के लिए विभागों और नीतियों के बीच “ट्रांसवर्सैलिटी” आवश्यक है: लोक सभा अध्यक्ष लोक सभा अध्यक्ष ने वॉटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवॉर्ड्स एवं कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित कियालोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि विकास और पर्यावरण को विरोधी शक्तियों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए , बल्कि इन्हें एक-दूसरे के पूरक के रूप में समझा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मानवता के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है और जनप्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। श्री बिरला ने ये विचार वॉटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवॉर्ड्स एंड कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने जल संरक्षण , सतत विकास और वैश्विक सहयोग के महत्व पर बल दिया और कहा कि इंटरनेशनल वॉट...
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जल संचय जन भागीदारी: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के 5 प्रतिशत मॉडल ने पानी की कमी को किस प्रकार से जल सुरक्षा में बदल दिया

  ऐसे समय में जब जल संकट सबसे गंभीर जलवायु चुनौतियों में से एक के रूप में उभर रहा है , छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले ने यह सिद्ध कर दिया है कि सबसे शक्तिशाली समाधान बड़े बांधों या भारी मशीनरी से प्रारंभ नहीं होते हैं ; उनका शुभारंभ लोगों से होता है। जल संचय जन भागीदारी की भावना के माध्यम से , जिले ने एक सरल लेकिन क्रांतिकारी प्रश्न पूछते हुए कि यदि प्रत्येक किसान स्वेच्छा से अपनी भूमि का केवल 5 प्रतिशत भाग जल संग्रहण के लिए समर्पित कर दे तो क्या होगा ? ने एक कमजोर भूभाग को अनुकूलता के मॉडल में बदल दिया। 5 प्रतिशत मॉडल: छोटा प्रयास , परिवर्तनकारी प्रभाव आवा पानी झोकी आंदोलन के अंतर्गत , किसान स्वेच्छा से अपनी कृषि भूमि का 5 प्रतिशत हिस्सा छोटे पुनर्भरण तालाबों और सीढ़ीदार गड्ढों के निर्माण के लिए अलग रखते हैं। ये संरचनाएं खेतों के भीतर ही वर्षा जल को एकत्रित करती हैं , जिससे यह सुनिश्चित होता है कि मानसून की हर बूंद को संरक्षित , अवशोषित और पुन: उपयोग किया जा सके। इसके परिणाम उल्लेखनीय रहे हैं: ·         जो वर्षाजल पहले बह जाता था , अ...

भारत और फिनलैंड के बीच पर्यावरण सहयोग पर समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण,इससे प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था और जलवायु कार्रवाई पर भारत और फिनलैंड के बीच साझेदारी और मजबूत होगी

केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण मंत्री सुश्री सारी मुलतला ने नई दिल्ली में भारत और फिनलैंड के बीच पर्यावरण सहयोग पर समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण किया। श्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि , उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि भारत ने वर्ष 2020 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का नवीनीकरण किया है। इससे ज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग के माध्यम से प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण , अपशिष्ट प्रबंधन , जलवायु परिवर्तन , वन और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर सहयोग और गहरा होगा। नवीनीकृत समझौता ज्ञापन दोनों देशों के बीच सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करना जारी रखेगा , जिसमें मुख्य रूप से ·         वायु और जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण (दूषित मिट्टी फिर से उपयोग के लिए तैयार करना) ; ·         अपशिष्ट प्रबंधन (खतरनाक अपशिष्ट , अपशिष्ट-से-ऊर्जा और पुनर्चक्रण सहित) ; ·         प्राकृ...

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने साझा जिम्मेदारी पर बल दिया और पृथ्वी की प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों से लगातार प्रयास करने का आह्वान किया

विश्व वन्यजीव दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की सोशल मीडिया पर कई पोस्टों के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पृथ्वी की समृद्ध जीव विविधता की रक्षा के महत्व पर बल दिया है , जो हमारे ग्रह को समृद्ध बनाती है और हमारे इकोसिस्टम को बनाए रखती है। भारत की सांस्कृतिक भावना पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता की प्रेरणा देते हैं। (विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति: केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर एक संदेश जारी कर इसे पृथ्वी की अद्भुत जैव विविधता का उत्सव बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वन्यजीवों का संरक्षण न केवल पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है , बल्कि यह एक साझा जिम्मेदारी भी है जिसके लिए पृथ्वी की प्राकृतिक विरासत की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों के लगातार प्रयासों की जरूरत है। श्री...

प्राकृतिक रंग, पर्यावरण के अनुकूल होली उत्सव: पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय (ईएफसीसी) के पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यावरण क्लबों में पर्यावरण के अनुकूल होली अभियान का आयोजन किया गया

केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम (ईईपी) के अंतर्गत , मिशन लाइफ के अनुरूप सुरक्षित और लंबे समय तक बने रहने वाले समारोह उत्सवों को बढ़ावा देने के लिए इको-क्लबों में पर्यावरण के अनुकूल होली के रंग तैयार करने की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा हैं। व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से , छात्र खाने योग्य और पत्तेदार सब्जियों का उपयोग करके प्राकृतिक रंग तैयार करना सीख रहे हैं। हरा रंग ताजी पत्तेदार सब्जियों से , लाल रंग चुकंदर से , पीला रंग हल्दी से और नारंगी रंग पलाश से प्राप्त होता है। ये रंग पूरी तरह से रसायनों और हानिकारक पदार्थों से मुक्त हैं , जिससे उत्सवों का आयोजन लोगों और पर्यावरण दोनों के लिए सुरक्षित रहता है। यह अभियान पर्यावरण क्लबों में तेज़ी से गति पकड़ रहा है , छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा में शामिल कर रहा है और उन्हें लंबे समय तक चलने वाली समारोह और प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। कृत्रिम रंगों के स्थान पर जैव अपघटनीय विकल्पों का उपयोग करके , युवा शिक्षार्थी अपने समुदायों में पर्यावरण के प्रति होने वाले उत्सवों में...

21वीं केंद्रीय निगरानी समिति ने प्रदूषित नदी क्षेत्रों और सीवेज प्रबंधन पर राज्यवार प्रगति की समीक्षा की

डीओडब्ल्यूआर , आरडी और जीआर के सचिव ने समयबद्ध कार्रवाई अपनाने और एसटीपी के प्रदर्शन और निगरानी को मजबूत करने का आग्रह किया नदी पुनर्जीवन संबंधी केंद्रीय निगरानी समिति (सीएमसी) की 21 वीं बैठक आज जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन , नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग के सचिव श्री वीएल कंथा राव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री राजीव कुमार मित्तल सहित वरिष्ठ अधिकारियों , एनएमसीजी के अन्य अधिकारियों और राज्य सरकारों तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समिति ने सीपीसीबी की 2025 की रिपोर्ट के आधार पर प्रदूषित नदी क्षेत्रों की नवीनतम स्थिति की समीक्षा की और स्वीकृत कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन में राज्यों द्वारा की गई प्रगति का आकलन किया। अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि नदी के जल की गुणवत्ता में सतत सुधार न केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण पर बल्कि उसके प्रभावी उपयोग , नियामक अनुपालन और समय पर परियोजना निष्पादन पर भी निर्भर करता है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सीवेज उपचार की कमियों को दूर करना , मौजूदा सीवेज उपचा...

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 89वीं बैठक- बैठक में वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर चर्चा

केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने भोपाल में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 89 वीं बैठक की अध्यक्षता कीबैठक में वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर चर्चा की गई बैठक के दौरान स्थायी समिति ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम , 1972 के प्रावधानों के अनुसार संरक्षित क्षेत्रों , वन्यजीव अभयारण्यों , बाघ अभ्यारण्यों और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों और उसके आसपास स्थित वन्यजीव संरक्षण और विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की। पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता , वैधानिक आवश्यकताओं और निर्धारित जोखिमों को कम करने या रोकने के उपायों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावों की जांच पड़ताल की गई। समिति ने संचार अवसंरचना , ऑप्टिकल फाइबर केबल , बिजली ट्रांसमिशन लाइन , सड़क परियोजनाएं , पेयजल आपूर्ति , तापीय ऊर्जा , रक्षा , सिंचाई और अन्य अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में कुल 58 नए प्रस्तावों पर विचार किया। समिति ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर भी विचार-विमर्श किया। इनमें डॉल्फिन , घड़ियाल आदि जैसे जलीय जीवों के संरक्षण के लिए चंबल नदी में पर...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये