भारत सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) को कार्यान्वित कर रही है जिसका उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उसके व्युत्पन्न पदार्थों के उत्पादन , उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) की साइट (स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन्स फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन) मोड – 2 बी योजना के तहत , रिफाइनरियों के लिए 30 किलो टन प्रति वर्ष (केटीपीए ) की ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है , जिसका विवरण निम्नलिखित है: रिफाइनरी स्थान हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड पानीपत 10 केटीपीए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड बीना 5 केटीपीए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड विजाग 5 केटीपीए नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड नुमालीगढ़ 10 केटीपीए कुल 30 केटीपीए प्रति वर्ष ये परियोजनाएं निजी डेवलपर्स के माध्यम से ...
गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि , केंद्र सरकार ने शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के पहले चरण को सात शहरों - अहमदाबाद , बेंगलुरु , चेन्नई , हैदराबाद , कोलकाता , मुंबई और पुणे - में कुल 3075.65 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ और ग्यारह शहरों - भोपाल , भुवनेश्वर , गुवाहाटी , जयपुर , कानपुर , पटना , रायपुर , त्रिवेंद्रम , विशाखापत्तनम , इंदौर और लखनऊ में कुल 2444.42 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष-एनडीएमएफ से वित्तीय सहायता की मंजूरी दी है। शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम-यूएफआरएमपी के पहले और द्वितीय चरण के तहत आवंटित और जारी राशि का राज्यवार विवरण अनुलग्नक में प्रस्तुत है। केंद्र सरकार द्वारा शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को संबंधित राज्य सरकारें कार्यान्वित कर रही हैं। यूएफआरएमपी चरण- 1 के तहत सभी 7 शहरों और चरण- II के तहत गुवाहाटी के लिए स्वीकृत परियोजनाएं विभिन्न कार्यान्वयन चरणों में हैं। शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित परियोजनाओं स...