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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

भारत 01-02 जून, 2026 को नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा

  केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आईबीसीए शिखर सम्मेलन 2026 की वेबसाइट एवं लोगो का शुभारंभ किया , श्री भूपेंद्र यादव ने उन बड़ी बिल्ली प्रजाति वाले देशों से अपील किया जो आईबीसीए में शामिल नहीं हैं कि वे इन प्रजातियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए गठबंधन में शामिल हों , श्री यादव ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करेगा एवं बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देगा केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026 के लिए वेबसाइट एवं लोगो का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिखर सम्मेलन पर एक प्रचार फिल्म भी जारी की। इस कार्यक्रम में बड़ी बिल्लियों की प्रजाति वाले देशों के कई मिशन प्रमुखों के साथ-साथ पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , विदेश मंत्रालय और आईबीसीए के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित हुए। आईबीसीए एक अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन जिसका मुख्यालय भारत में है , जिसकी स्थापना सात बड़ी बिल्लि...
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल की 130वीं बैठक में दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी हुई प्रवर्तन गतिविधियों, निरीक्षणों एवं अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 130 वीं बैठक का आयोजन दिनांक 04.05.2026 किया गया , ताकि 11.04.2026 से 28.04.2026 की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान दिल्ली-एनसीआर में की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों एवं निरीक्षणों की समीक्षा की जा सके। 18 दिनों की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान , आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड ने प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हुए कुल 174 निरीक्षण किए। इनमें निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) स्थलों पर 26 निरीक्षण , औद्योगिक क्षेत्र में 40 निरीक्षण और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों से संबंधित 108 निरीक्षण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुल 61 उल्लंघनों की रिपोर्ट की गई , जिनमें सी एंड डी स्थलों से 12, औद्योगिक क्षेत्र से 8 और डीजी सेटों से संबंधित 41 उल्लंघन शामिल हैं। सूचित उल्लंघनों के निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर 6 इकाइयों/परियोजनाओं को बंद करने , 31 डीजी सेटों को सील करने , 6 कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी करने और 11 मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) लगाने का प्रस्ताव दिया गया। इसके...

लघु पनबिजली विकास योजना- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'लघु पनबिजली विकास योजना' को मंज़ूरी दे दी है। यह योजना अलग-अलग राज्यों में छोटी पनबिजली परियोजनायें (1-25 मेगावॉट क्षमता वाले) लगाने में मदद करेगी। इस योजना से खास तौर पर उन पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों को फ़ायदा होगा, जहाँ इन परियोजनाओं की बहुत ज़्यादा संभावनाएँ हैं।

  लघु पनबिजली विकास योजना संवहनीय विकास के लिए ऊर्जा सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण मुख्य बिंदु · भारत में लघु पनबिजली की कुल अनुमानित क्षमता 21133.61 मेगावॉट है। देश ने इसमें से लगभग 5171 मेगावॉट का उपयोग किया है। · केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2584.60 करोड़ रुपए के परिव्यय से लघु पनबिजली विकास योजना को मंजूरी दी है। · इस योजना का लक्ष्य देश भर में लघु पनबिजली क्षमता में 1500 मेगावॉट का इजाफा करना है। · इस योजना के निर्माण के चरण में 51 लाख व्यक्ति दिवस रोजगार पैदा होने की   परिचय जल के प्राकृतिक प्रवाह से उत्पन्न होने वाली पनबिजली , दुनिया के सबसे भरोसेमंद और विकसित नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में से एक है। भारत के तेजी से बदलते ऊर्जा परिदृश्य के बीच , यह ग्रिड की स्थिरता , ऊर्जा सुरक्षा और प्रणाली की मज़बूती सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है। सौर और पवन जैसे रुक-रुक कर मिलने वाले स्रोतों के विपरीत , पनबिजली से लगातार , चौबीसों घंटे बिजली मिलती है। जैसे-जैसे देश मिलीजुली स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बदलाव ला रहा है , जल विद्युत अपरिहार्य बन गई है। इस रणनीत...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये