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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नई दिल्ली में जेआईसीए के सहयोग से आयोजित 'प्रभावी वन प्रबंधन परियोजना के लिए क्षमता संवर्धन' कार्यशाला का शुभारंभ किया

परियोजना में क्षेत्र-विशिष्ट क्षमता निर्माण मॉड्यूल पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो स्थानीय ज्ञान और चुनौतियों को प्रतिबिंबित करते हों ; नवीनतम वैज्ञानिक दृष्टिकोणों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है: श्री भूपेंद्र यादव केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में ' प्रभावी वन प्रबंधन परियोजना के लिए क्षमता संवर्धन ' विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का आयोजन मंत्रालय ने जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से किया था। कार्यशाला में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और जेआईसीए इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधि ने भाग लिया। विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के वन विभागों , भारतीय अनुसंधान संस्थानों और वानिकी क्षेत्र के केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। क्षमता संवर्धन परियोजना ( 2025-26 से 2031-32) का उद्देश्य वन एवं वन्यजीव प्रबंधन की बदलती आवश्यकताओं , उभरती जलवायु एवं पर्यावरणीय चिंताओं और क्षेत्र में उनकी बढ़ती विविध जिम्मेदारियों को ध्य...
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भारत में बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन के छठे चक्र के शुभारंभ कार्यशाला का उद्घाटन किया; एमईई-टीआर 2026 के लिए तकनीकी मैनुअल जारी

स्थल-विशिष्ट परिदृश्य प्रबंधन और अनुकूलनशील संरक्षण पद्धतियों की आवश्यकता है , जिनमें स्थानीय सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को शामिल किया जाए: श्री भूपेंद्र यादव , एमईई-टीआर 2026 में ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन’ को बाघ अभयारण्यों के एक अलग मूल्यांकन मानदंड के रूप में शामिल किया जाएगा केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में भारत में बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन के छठे चक्र (एमईई-टीआर) के शुभारंभ कार्यशाला का उद्घाटन किया। इसका आयोजन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से किया। शुभारंभ कार्यशाला के साथ एमईई-टीआर के छठे चक्र की शुरुआत हुई , जिसमें देश के सभी 58 बाघ अभयारण्यों को शामिल किया जाएगा। कार्यशाला में एनटीसीए , डब्ल्यूआईआई , राज्य वन विभागों , बाघ अभयारण्य प्रबंधन टीमों और विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा छठे चक्र के ढांचे , कार्यप्रणाली और कार्यान्वयन पर चर्चा की। अपने उद्घाटन संबोधन में श्री भूपेंद्र यादव ने रेखांकित किया कि भारत ने बाघ संरक्षण के ल...

विशेष अभियान 6: कोयला मंत्रालय ने ई-कचरा निपटान, कबाड़ प्रबंधन और कार्यस्थल के आधुनिकीकरण को लक्ष बनाया

कोयला मंत्रालय 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6 का नेतृत्व करने जा रहा है। इस अभियान के तहत मंत्रालय के सभी प्रशासनिक कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में ई-कचरे के व्यवस्थित संग्रहण , पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा । पर्यावरणीय उत्‍तरदायित्‍व और ' कचरे से सम्‍पदा ' में परिवर्तन के राष्ट्रीय विजन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए महीने भर चलने वाली इस पहल में कार्यस्थल के आधुनिकीकरण , कार्यालयीन स्थान के इष्टतम उपयोग , डिजिटलीकरण में तेजी लाने और कबाड़ के निपटान को प्राथमिकता दी जा रही है। इन प्रयासों के माध्यम से मंत्रालय का उद्देश्‍य स्वच्छ , स्‍थायी और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस को बढ़ावा देना तथा मजबूत संस्थागत तंत्र को और सुदृढ़ करना है। विशेष अभियान 6 के तैयारी चरण के दौरान श्रीमती चेतना शुक्ला   (डीडीजी) , श्री रॉबिन गंगटे (डीएस) तथा अधिकारियों ने 23 सितम्‍बर , 2026 को लोक नायक भवन स्थित रिकॉर्ड कक्ष की समीक्षा की। इस प्रक्रिया में फाइलों का व्यवस्थित वर्गीकरण करने तथा पुराने या अनावश्यक अभिलेखों की प...

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने स्कूली आउटरीच को मजबूत करने के लिए पहले इको-क्लब शिक्षकों के ओरिएंटेशन के साथ विश्व गैंडा दिवस मनाया

  राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (एनजेडपी) , नई दिल्ली ने आज विश्व गैंडा दिवस 2026 के अवसर पर जागरूकता और शैक्षणिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आयोजन किया। इसका उद्देश्य गैंडा संरक्षण को बढ़ावा देना और वन्यजीव व जैव विविधता संरक्षण में जनता तथा स्कूलों की भागीदारी को मजबूत करना था। अपने स्कूल आउटरीच पहल के तहत चिड़ियाघर ने इको-क्लब के प्रभारी शिक्षकों के लिए अपना पहला ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें दिल्ली के 12 स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया। निदेशक (एनज़ेडपी) ने शिक्षकों के साथ बातचीत की और पर्यावरण शिक्षा व संरक्षण जागरूकता के लिए चिड़ियाघर और स्कूलों के बीच सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया। इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने शिक्षकों को चिड़ियाघर की पर्यावरण शिक्षा पहलों , प्रकृति-आधारित शैक्षणिक गतिविधियों , नागरिक विज्ञान पहलों और अन्य आउटरीच कार्यक्रमों से अवगत कराया। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण पर्यावरण दिवसों और अन्य प्रासंगिक अवसरों पर आयोजित होने वाली कार्यशालाओं , जागरूकता कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में स्कूलों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना भी है। इसके बाद चिड़ि...

भारत की विरासत डंपसाइटों का बदलाव

 कचरे वाली भूमि की पुनः प्राप्ति शहरी भारत में हर साफ - सुथरी सड़क के पीछे बुनियादी ढांचे और प्रणालियों की एक श्रृंखला होती है जो शहरों द्वारा उत्पन्न कचरे का प्रबंधन करती है। हर बड़ा भारतीय शहर कचरा उत्पन्न करता है जो घरों , बाजारों , संस्थानों , वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों से आता है। इस कचरे का अधिकांश हिस्सा डंपसाइटों पर भेजा जाता है , जहां यह समय के साथ जमा होता है और पुराने अपशिष्ट स्थल बनाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए स्वच्छ भारत मिशन - शहरी ( एसबीएम - यू ) अक्टूबर 2014 में शुरू किया गया था। 12 वर्षों में एसबीएम - यू बुनियादी स्वच्छता से परे बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। इसका ध्यान अब शहरी कचरे के प्रबंधन और शहरों के रहने , काम करने और इकट्ठा होने के लिए बेहतर स्थान बनाने पर है। अक्टूबर 2021 में शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन - शहरी 2.0 के तहत , भारत भर के शहर पुराने डंपसाइटों को उत्पादक ...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये