अपशिष्ट में नये उपयोग की तलाश वर्ष 2014 में शुरू किया गया स्वच्छ भारत मिशन ( एसबीएम ) स्वच्छता , अपशिष्ट प्रबंधन और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए एक व्यापक आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है। इस मिशन में स्वच्छता ही सेवा ( एसएचएस ) के माध्यम से व्यापक नागरिक भागीदारी के लिए जगह भी बनाई गई , जिसे 2017 में सामूहिक स्वच्छता कार्रवाई के लिए एक वार्षिक अभियान के रूप में शुरू किया गया था। अभियान में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन , दृश्य स्वच्छता और कचरा मुक्त सार्वजनिक स्थानों पर अपना ध्यान केंद्रित किया गया है। इस अभियान के साथ ही , वेस्ट टू वेल्थ यानी अपशिष्ट से संपदा का विचार पूरे भारत में कचरे के प्रति देखने का नजरिया और उसे उपयोगी बनाने के तरीके को बदल रहा है। यह फेंकी गई सामग्री को एक ऐसे संसाधन के रूप में देखता है जिसे पुनर्प्राप्त किया जा सकता है , उसका फिर से उपयोग किया जा सकता है और उसे नई उपयोगी वस्तु में परिवर्तित किया जा सकता है। सरकार ने इस दृष्टिक...
पर्यावरण संरक्षण नियम कुंजी
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