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पर्यावरण संरक्षण के लिए आपकी व्यक्तिगत सामाजिक भूमिका अहम् है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में 'पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य' विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया; साथ ही एनजीटी मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च की

केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने समानता , कार्यान्वयन और सतत विकास पर आधारित जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई , दो दिवसीय सम्मेलन में वैश्विक हितधारक एक साथ आकर वैश्विक पर्यावरणीय और जलवायु चुनौतियों पर सहयोगात्मक कार्रवाई पर विचार-विमर्श करेंगे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ' पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य ' का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत , भारत के महान्यायवादी श्री आर. वेंकटरामानी , केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रकृति के साथ राष्ट्र के गहरे ऐतिहासिक जुड़ाव के बारे में बताते हुए इस बात पर बल दिया कि किस प्रकार प्राचीन सांस्कृतिक ज्ञान आधुनिक जलवायु समाधानों में सहायक है और वैश्विक सामूहिक कार्रवाई को प्रेरित कर रहा है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण मिशन को...
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भारत की राष्‍ट्रपति “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं

हमें पारंपरिक ज्ञान पर आधारित लोक-केन्‍द्रित एवं समुदाय आधारित अनुकूलन तरीकों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता को सुदृढ़ करने के प्रयास करने चाहिए: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज , 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य”   विषय पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन मानव अस्तित्व के अनेक स्तरों पर असंतुलन पैदा करता है। जैव-विविधता का ह्रास , जल संकट और भू-क्षरण जैसी समस्याएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं। जलवायु परिवर्तन के खाद्य सुरक्षा , स्वास्थ्य और आजीविका पर भी गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी जटिल चुनौती का समुचित प्रकार से सामना करने के लिए नीतियों और कार्रवाई का एक सुगठित ढांचा आवश्यक है। ऐसी व्यवस्था , जिसमें केवल सरकारें और कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं , बल्कि वे समुदाय भी सक्रिय रूप से भागीदार हों , जिनको जलवायु परिवर्तन सर्वाधिक प्रभावित करत...

श्री भूपेंद्र यादव ने भुज में महान भारतीय हुआर (बस्टर्ड) संरक्षण, घासस्थल पुनर्स्थापना और प्रोजेक्ट चीता की प्रगति की समीक्षा की; ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) संरक्षण के लिए गुजरात एक्शन प्लान जारी किया

“ संरक्षण तभी सफल होता है जब हम अकेली प्रजाति नहीं , बल्कि संपूर्ण भू-दृश्यों का पुनर्स्थापन करते हैं”: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज भुज , कच्छ (गुजरात) में महान भारतीय बस्टर्ड (एक मैदानी पक्षी) की संरक्षण स्थिति , घासस्थल पुनर्स्थापना और चीता परियोजना से संबंधित प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।   इस समीक्षा बैठक में गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण , जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कैबिनेट मंत्री श्री अर्जुन मोढवाड़िया भी उपस्थित थे। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय , गुजरात वन विभाग , भारतीय वन्यजीव संस्थान और राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि संरक्षण को अब केवल एकल प्रजाति तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक प्रबंधन , आवास पुनर्स्थापन और समुदाय की भागीदारी को मिलाकर संपूर्ण भू-दृश्यों के पुनर्स्थापन की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत भू-दृश्य-स्तरीय संरक्षण में वैश्विक मानक बनने की दिशा में काम कर...

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत के नेट जीरो पोर्टल और एनएपीसीसी डैशबोर्ड का शुभारंभ किया

डिजिटल प्लेटफॉर्म स्वैच्छिक नेट ज़ीरो कार्रवाई को बढ़ावा देंगे और राष्ट्रीय जलवायु मिशनों की निगरानी को सुदृढ़ करेंगे केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज मुंबई में विश्व ओजोन दिवस 2026 के अवसर पर भारत का नेट जीरो (शुद्ध-शून्य उत्सर्जन) पोर्टल और जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। ये दोनों डिजिटल पहलें पारदर्शिता , समन्वय और साक्ष्य-आधारित जलवायु कार्रवाई को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नेट जीरो पोर्टल विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्वैच्छिक नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के लिए एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध करता है , जबकि एनएपीसीसी डैशबोर्ड जलवायु परिवर्तन से संबंधित राष्ट्रीय मिशनों के अंतर्गत प्रगति की समेकित निगरानी को सक्षम बनाता है। नेट ज़ीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय संस्थाओं द्वारा नेट ज़ीरो संबंधी प्रतिबद्धताओं के स्वैच्छिक पंजीकरण और प्रकटीकरण के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसमें भाग लेने वाली संस्थाएं अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का विवरण दे सकती हैं , नेट ...

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान-6 में भाग लेगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने बुधवार को स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से 2 से 31 अक्टूबर , 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान- 6 की घोषणा की है। इस अवसर पर विभाग ने राष्‍ट्रीय राजधानी में विशेष अभियान के लिए वेब-पोर्टल भी लॉन्च किया। इस अभियान में 15 से 30 सितंबर , 2026 तक तैयारी चरण 2 से 31 अक्टूबर , 2026 तक कार्यान्वयन चरण और 16 से 30 नवंबर , 2026 तक मूल्यांकन चरण शामिल हैं। केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय   विशेष अभियान में भाग लेगा । इसमें मंत्रालयों /विभागों और उनके संबद्ध /अधीनस्थ कार्यालयों/स्वायत्त संगठनों आदि के अलावा सेवा वितरण के लिए जिम्मेदार या जनता के साथ सीधे संपर्क रखने वाले क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस वर्ष के विशेष अभियान में ' ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण , पृथक्करण और निपटान ' के उद्देश्य से वैज्ञानिक ई-कचरा प्रबंधन पर जोर दिया जाएगा । डीएआरपीजी ने विशेष अभियान 6 के दौरान ई-कचरे के निपटान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया...

सीएक्यूएम ने हापुड़, उत्तर प्रदेश में उद्योगों का विशेष निरीक्षण किया; 22 इकाइयों में से 16 नियमों की अवज्ञा कर रही थीं, 12 को कारण बताओ नोटिस जारी

एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 15.09.2026 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ में संचालित उद्योगों का एक विशेष निरीक्षण किया , जिसके दौरान 22 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया , जिनमें से 16 लागू मानदंडों और वैधानिक निर्देशों का अनुपालन नहीं कर रही थीं और 12 को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए। जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से सीएक्यूएम की 7 फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण में मसूरी-गुलावती रोड , पिलखुवा , रावली/शेखपुर/एमजी रोड , तातारपुर/गढ़ रोड , रेलवे रोड/टेक्सटाइल सेंटर रोड और रावला/शेखर के औद्योगिक क्षेत्र शामिल थे। निरीक्षण की गई 22 इकाइयों में से 6 निर्धारित मानदंडों और वैधानिक निर्देशों का पालन करती पाई गईं , जबकि 16 इकाइयां इनका पालन नहीं कर रही थीं। निरीक्षणों के दौरान अनुपालन न करने के कई उदाहरण देखे गए , जिनमें तीव्र दृश्य धुआँ , अपर्याप्त वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) , ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) का न लगा होना या उसका ठीक से काम न करना , वेट स्क्रबर स...

गांधीनगर में समावेशी और बड़े पैमाने पर लागू होने वाले सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों को तेजी से अपनाने के आह्वान के साथ 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' का समापन; कोलंबिया यूनिवर्सिटी (यूएसए) डब्ल्यूसीईएफ 2027 की मेजबानी करेगी

  सर्कुलर समाधानों के लिए जमीनी स्तर पर सहयोग का ही होता है असली प्रभाव ; प्रतिबद्धता से आगे बढ़कर कदम उठाने की आवश्यकता: श्री प्रवीणभाई माली , राज्य मंत्री (पर्यावरण) , गुजरात डब्ल्यूसीईएफ 2026 का बदलाव की प्रक्रिया में समावेशिता और लोगों की भागीदारी के महत्व पर रह जोर ; साथ ही सर्कुलर समाधानों के लिए व्यावहारिक साझेदारियों , व्यावसायिक सहयोग , नवाचार और निवेश पर भी चर्चा की गई: सुश्री सारी मुलताला , कैबिनेट मंत्री , फिनलैंड गुजरात के गांधीनगर में ' वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' ( डब्ल्यूसीईएफ 2026) आज संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सर्कुलर इकोनॉमी के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। इस फोरम में 60 से ज्यादा देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि और 260 वक्ता शामिल हुए , जिनमें सरकारें , अंतरराष्ट्रीय संगठन , उद्योग जगत , स्टार्ट-अप , शिक्षा जगत और नागरिक समाज के लोग शामिल थे। समापन सत्र में गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण , जलवायु परिवर्तन और परिवहन राज्य मंत्री श्री प्रवीणभाई माली और फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण कैबिनेट मंत्री सुश्री सारी मुलताला शामिल हुईं। इ...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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