इस मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा नियमित रूप से भूजल स्तर की निगरानी की जाती है। गत पांच वर्षों के दौरान मानसून के बाद की निगरानी के दौरान सीजीडब्ल्यूबी द्वारा पूरे देश में दर्ज किए गए भूजल स्तर के आंकड़ों के अवलोकन से यह पता चलता है कि इस अवधि के दौरान विश्लेषित कुओं में से 85% से 90% में भूजल स्तर 0-10 एमबीजीएल (मीटर जमीन से नीचे) की सीमा में दर्ज किया गया जो भूजल तक आसान पहुंच को दर्शाता है। वर्ष-वार विवरण निम्नलिखित लिंक पर उपलब्ध है: https://cgwb.gov.in/cgwbpnm/public/uploads/documents/17725322541859357281file.pdf देश के गतिशील भूजल संसाधनों का आकलन केंद्रीय भूजल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) द्वारा राज्य सरकारों के समन्वय से वर्ष 2022 से वार्षिक रूप से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत , देश की विभिन्न आकलन इकाइयों (एयू) (जो सामान्यतः ब्लॉक/तहसील/तालुक/मंडल आदि हैं) को भूजल दोहन के स्तर (एसओई) के आधार पर ' अति-दोहित ', ' गंभीर ', ' अर्ध-गंभीर ' और ' सुरक्षित ' इकाइयों में वर्ग...
पर्यावरण संरक्षण नियम कुंजी
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