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वन्‍यजीवों और पौधों का जश्‍न मनाने के लिए हर वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूडी) मनाया जाता है। हम प्रत्‍येक वर्ष लोगों और इस ग्रह के लिए वन्यजीवों की विशिष्‍ट भूमिका और योगदान को मान्‍यता देते हैं।मिशन लाइफ पर ध्यान केंद्रित करते हुए ओखला पक्षी विहार में विश्व वन्यजीव दिवस मनाया गया

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मिशन लाइफ पर ध्यान केंद्रित करते हुए ओखला पक्षी विहार में विश्व वन्यजीव दिवस मनाया गया , पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ईआईएसीपी पीसी-आरपी ने आज मिशन लाइफ पर ध्यान केंद्रित करते हुए समृद्ध जैव विविधता वाले स्थानों में से एक ओखला पक्षी विहार में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करके विश्व वन्यजीव दिवस, 2024 का आयोजन किया। वन्‍यजीवों और पौधों का जश्‍न मनाने के लिए हर वर्ष 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस (डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूडी) मनाया जाता है। हम प्रत्‍येक वर्ष लोगों और इस ग्रह के लिए वन्यजीवों की विशिष्‍ट भूमिका और योगदान को मान्‍यता देते हैं।

इस वर्ष का विषय 'कनेक्टिंग पीपल एंड प्लैनेट: एक्सप्लोरिंग डिजिटल इनोवेशन इन वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन' है। विश्व वन्यजीव दिवस 2024 डिजिटल वन्यजीव संरक्षण में हमारे साझा और सतत भविष्य के लिए आगे आने वाले अवसरों के बारे में कला, प्रस्तुति और संरक्षण के माध्यम से अंतर-पीढ़ीगत आदान-प्रदान और युवा सशक्तिकरण करने वाला एक मंच है। यह दिवस उपलब्‍ध डिजिटल नवाचारों का पता लगाने के लिए एक प्रारंभिक बिन्‍दु की पेशकश करने के साथ-साथ यह बताता है कि अब कौन से डिजिटल नवाचार उपलब्‍ध हैं, हम किन अंतरविरोधी विसंगतियों का सामना कर रहे हैं और हम यह किस प्रकार चाहते हैं कि हमारी डिजिटल कनेक्टिविटी सभी लोगों और ग्रह के लिए विकसित हो जाए। तकनीकी नवाचार ने अनुसंधान, संचार, ट्रैकिंग, डीएनए विश्लेषण और वन्यजीव संरक्षण के कई अन्य पहलुओं को अधिक आसान, कुशल और सटीक बना दिया है। हम एक वैश्विक डिजिटल क्रांति के मध्‍य में हैं जो जन-केंद्रित डिजिटल शासन की बाधाओं को तोड़ रही है और डिजिटल परिवर्तन की शक्ति को उजागर करने के लिए सभी के लिए समान अवसर प्रदान कर रही है। 'डिजिटल विभाजन' धीरे-धीरे कम हो रहा है और बेहतर कनेक्टिविटी और इंटरनेट की पहुंच हमारी 66 प्रतिशत वैश्विक आबादी तक पहुंच रही है।

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ओखला पक्षी विहार में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं की भारी उपस्थिति देखी गई जिसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र और जनता की भागीदारी भी शामिल रही। श्री प्रमोद कुमार प्रभागीय वन अधिकारी, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। श्री अमित गुप्ता, रेंज वन अधिकारी, ओखला पक्षी विहार, गौतम बुद्ध नगर, सम्मानित अतिथि थे। उन्‍होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके लिए प्रेरणा स्रोत बने। उन्होंने वन्य जीवन से संबंधित विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिये। डॉ. जी.अरेंद्रन, समन्वयक, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ईआईएसीपी पीसी-आरपी इंडिया ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर आयोजित गतिविधियाँ इको ट्रेल, पोस्टर मेकिंग और ऑन स्पॉट हैंड एंड फेस पेंटिंग थीं जो विश्‍व वन्‍यजीव दिवस 2024 की थीम पर केंद्रित थीं। इस कार्यक्रम में लगभग 150 लोगों की भागीदारी रही।

 

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एमजी/एआर/आईपीएस/एसएस प्रविष्टि तिथि: 03 MAR 2024 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 2011167) आगंतुक पटल : 20

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

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पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

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पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

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पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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