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एकल उपयोग प्लास्टिक हमारी वुसंधरा को अपूरणीय क्षति पहुंचा रहा है... पूरा विश्व इस समय इसके खतरे को कम करने में लगा है... छत्तीसगढ़ भी अपना योगदान दे रहा है... जिसमें दुर्ग जिले का उल्लेखनीय योगदान... समीक्षा बैठक..!

गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा दुर्ग की समीक्षा बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा साहू की क्रांतिकारी पहल से पर्यावरण संरक्षण हेतु किए जा रहे... "नवाचार प्रयत्न"...  "बर्तन बैंक" की सराहना की... उल्लेखनीय है कि, अधिकारियों से गृहमंत्री ने कहा “काम बोलता है..!”
पर्यावरण नियम कुंजी :: छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा जिले की समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सभापति व बर्तन बैंक की संस्थापिका, जो कि, प्रदेश में “बर्तन वाली दीदी” के नाम से मशहूर हैं श्रीमती श्रद्धा पुरेंद्र साहू को विशेष रूप से आमंत्रित कर बर्तन बैंक के बारे में जानकारी ली और इस नवाचार के लिए बर्तन बैंक की जमकर सराहना की उन्होंने अधिकारियों के सामने श्रीमती श्रद्धा पुरेंद्र साहू द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति की गई पहल का उद्धाहरण रखते हुए कहा कि, “नाम नहीं...काम बोलता है”। हमारी महिला जनप्रतिनिधि विगत दस वर्ष से बर्तन बैंक को लेकर समर्पित होकर कार्य कर रही है। “नो डिस्पोजल और नो प्लास्टिक कैंपेन” में यह मील का पत्थर साबित हो रही है। यही कारण है कि, अब प्रशासनिक स्तर से भी बर्तन बैंक गांवों-गांवों में खोला जा रहा है। 
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जिले में 170 जगहों पर बर्तन बैंक की स्थापना लायेगी बड़े बदलाव!
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गृह मंत्री विजय शर्मा ने बैठक में कहा कि बर्तन बैंक की स्थापना से धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों में सिंगल यूज प्लास्टिक, तथा बड़े पैमानों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में डिस्पोजल प्लास्टिक के दोना-पत्तल का उपयोग करने से होने वाले कचरे से निपटा जा सकता है। इसी क्रम में दुर्ग जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे ने जानकारी देते हुए प्रभारी मंत्री को बताया कि जिले के 170 जगहों पर बर्तन बैंक की स्थापना की गई है। जिलेभर में बर्तन बैंक की स्थापना का प्रपोजल बनाया गया है। जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा। प्रभारी मंत्री शर्मा ने प्रदेश स्तर पर भी बर्तन बैंक को योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया है। 
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पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान सभी की सहभागिता और पहल से पर्यावरण संरक्षण संभव हुआ है…
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दुर्ग जिला पंचायत सभापति (उद्योग एवं सहकारिता समिति ) श्रद्धा पुरेंद्र साहू ने पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समीक्षा बैठक में उपस्थित माननीय उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा जी, हमारे दुर्ग ग्रामीण के विधायक ललित चंद्राकर जी, दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव जी, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन जी, साजा विधानसभा के विधायक ईश्वर साहू जी, जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे जी, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू जी, हमारे लोकप्रिय सांसद विजय बघेल जी एवं स्वच्छ भारत मिशन और शासन -प्रशासन एवं बर्तन बैंक की टीम के सहयोग एवं सहभागिता से संभव हो पाया है | जिसके लिए श्रीमती साहू ने कृतज्ञता व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि, बर्तन बैंक की मुहिम उन्होंने एक गृहिणी तौर पर की थी। सामाजिक सक्रियता बढ़ने से उन्हें जनप्रतिनिधि बनने का अवसर मिला और जनप्रतिनिधि बनने के बाद सभी के प्रयासों के आधार पर बर्तन बैंक की स्थापना को सरकारी योजना में शामिल किया जा रहा है । तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने विशेष तौर पर बताया कि, जिला पंचायत सदस्य का पद ग्रहण करने के बाद से ही दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं जिला पंचायत के सीईओ बजरंग दुबे जी का विशेष सहयोग उन्हें मिलता रहा है । जिसका परिणाम आज आप सबके सामने है । हम जाने-अंजाने डिस्पोजल और प्लास्टिक के दोना-पत्तल से अपने पर्यावरण को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे है। वैसे भी बर्तन हमारी गृहस्थी ही नहीं समाज का भी बड़ा हिस्सा है। पहले लोग जब एकसाथ बड़ी संख्या में महान आते थे तब एक-दूसरे के घर से बर्तन मांगकर घर में आए मेहमानों को भोजन परोसते थे परंतु अब इस सहभागिता के स्थान पर डिस्पोजल आइटम ने अपनी जगह बना ली है। जिससे होने वाले कचरे से धरती बंजर होती जा रही है। इसलिए डिपोजल वस्तुओं से पर्यावरण संरक्षण किया जाना आवश्यक है ।
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पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

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इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

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पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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