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डंप साइट की तीव्र सुधार योजना

 लगभग 25 करोड़ मीट्रिक टन (एमटी) पुराने कचरे से भरे कुल 2488 डंपसाइटों (जिनमें 1000 टन से अधिक कचरा है) की पहचान सुधार के लिए की गई है। अब तक 1138 डंपसाइटों का पूर्ण सुधार हो चुका है और 1020 साइटों पर काम चल रहा है। अब तक 15.51 करोड़ मीट्रिक टन (62 प्रतिशत) कचरे का निपटान किया जा चुका है और 8484.15 एकड़ (56 प्रतिशत) भूमि को खाली करा लिया गया है। पुराने डंपसाइटों के सुधार की स्थिति का राज्यवार विवरण  https://sbmurban.org/swachh-bharat-mission-progess पर उपलब्ध है।

डंपसाइट सुधार त्वरण कार्यक्रम (डीआरएपी) एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य 214 पुराने कचरा डंपसाइटों के सुधार में तेजी लाना है, जो शेष बचे कचरे का 80 प्रतिशत हिस्सा हैं, और सितंबर 2026 तक उत्पादक शहरी उपयोग के लिए भूमि को पुनः प्राप्त करना है, साथ ही नए डंपसाइटों के निर्माण को रोकना है। डीआरएपी में प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के 214 सबसे कठिन डंपसाइटों के 100 प्रतिशत सुधार के लिए 200 शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) शामिल हैं।

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैले अपशिष्ट स्थलों के सुधार के लिए 10,308 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए 4,206 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिससे 2,489 शहरी स्थानीय निकायों को लाभ होगा। डीआरएपी पहल का समर्थन करने के लिए, मंत्रालय एसबीएम-यू 2.0 के परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार अपशिष्ट उपचार के लिए 550 रुपये प्रति टन के अनुमान को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक शहर को उनकी सूक्ष्म योजना के आधार पर मामले-दर-मामले के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, प्रत्येक शहर को वित्तपोषण, रसद, तकनीकी सहायता, उपयोग एवं निपटान, सामुदायिक सहभागिता एवं जागरूकता आदि में सहयोग के लिए आवश्यकतानुसार एक या अधिक साझेदारियाँ (जैसे कॉर्पोरेट/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/गैर-सरकारी संगठन) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

इन चिन्हित स्थलों पर प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी के लिए एक आईटी मॉड्यूल विकसित किया गया है, जिसमें जहाँ भी संभव हो, वेब्रिज का डिजिटल एकीकरण किया गया है। साथ ही, जमीनी स्तर पर प्रगति का आकलन करने और चुनौतियों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा और क्षेत्र भ्रमण किए जा रहे हैं।

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमकेएस/एसएस प्रविष्टि तिथि: 29 JAN 2026 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2220521) आगंतुक पटल : 122

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