भारतीय विज्ञान संवर्धन संघ (आईएसीएस) और एसएन बोस राष्ट्रीय बुनियादी विज्ञान केंद्र (एसएनबीएनसीबीएस) के शोधकर्ताओं ने, एक नया छिद्रयुक्त कार्बनिक पदार्थ (सहसंयोजक कार्बनिक ढांचा) विकसित किया है, जो लिथियम आयनों - बैटरी में ऊर्जा संग्रहित करने वाले छोटे आवेशित कणों - को बहुत सरलता से मूव करने में सक्षम बनाता है।
अगली पीढ़ी की रिचार्जेबल बैटरियों के लिए अल्ट्रा-फास्ट कार्बनिक एनोड डिज़ाइन किए , शोधकर्ताओं ने बेहतर ऊर्जा भंडारण क्षमता वाली लिथियम-आयन बैटरियों के लिए एक नया छिद्रयुक्त कार्बनिक एनोड पदार्थ डिजाइन किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्टफोन, लैपटॉप और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ऊर्जा भंडारण की बढ़ती मांग के साथ, ऐसी बैटरियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है जिन्हें जीवनकाल को प्रभावित किए बिना तेजी से चार्ज किया जा सके।
विज्ञान और
प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत आने वाले भारतीय विज्ञान संवर्धन संघ
(आईएसीएस) और एसएन बोस राष्ट्रीय बुनियादी विज्ञान केंद्र (एसएनबीएनसीबीएस) के
शोधकर्ताओं ने इस चुनौती का समाधान करने के लिए, एक नया
छिद्रयुक्त कार्बनिक पदार्थ (सहसंयोजक कार्बनिक ढांचा) विकसित किया है, जो लिथियम आयनों - बैटरी में ऊर्जा संग्रहित करने वाले छोटे आवेशित कणों -
को बहुत सरलता से मूव करने में सक्षम बनाता है।
चित्र 1. ऊर्जा भंडारण के लिए सहसंयोजक कार्बनिक ढांचे (सीओएफ) का उपयोग करके तैयार की गई तीव्र-चार्जिंग, सुरक्षित और कार्बनिक बैटरी के अनुप्रयोग।
नवविकसित सामग्री की बदौलत बैटरी महज एक मिनट में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो गई और कई बार चार्ज और डिस्चार्ज होने पर भी इसका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि यही सामग्री सोडियम आयनों को संग्रहित कर सकती है, जिससे भविष्य में किफायती सोडियम-आयन बैटरियों के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। एक व्यावहारिक बैटरी उपकरण में इस सामग्री का सफल संचालन वास्तविक दुनिया में इसके उपयोग की क्षमता को और भी स्पष्ट करता है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्शाती है कि कैसे सोच-समझकर की गई सामग्री डिजाइन सुरक्षित, तेजी से चार्ज होने वाली और लंबे समय तक चलने वाली बैटरियों के विकास में सहायक हो सकती है।
****
पीके/केसी/एसकेजे/एम
प्रविष्टि तिथि: 17
JUL 2026 by PIB Delhi(रिलीज़ आईडी: 2285744)
आगंतुक पटल : 515