सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

शहरी बाढ़ जोखिम शमन कार्यक्रम

गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि, केंद्र सरकार ने शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के पहले चरण को सात शहरों - अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे - में कुल 3075.65 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ और ग्यारह शहरों - भोपाल, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जयपुर, कानपुर, पटना, रायपुर, त्रिवेंद्रम, विशाखापत्तनम, इंदौर और लखनऊ में कुल 2444.42 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष-एनडीएमएफ से वित्तीय सहायता की मंजूरी दी है। शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम-यूएफआरएमपी के पहले और द्वितीय चरण के तहत आवंटित और जारी राशि का राज्यवार विवरण अनुलग्नक में प्रस्‍तुत है।

केंद्र सरकार द्वारा शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को संबंधित राज्य सरकारें कार्यान्वित कर रही हैं। यूएफआरएमपी चरण-1 के तहत सभी 7 शहरों और चरण-II के तहत गुवाहाटी के लिए स्वीकृत परियोजनाएं विभिन्न कार्यान्वयन चरणों में हैं। शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित परियोजनाओं से शहरों में वर्षा जल निकासी में उल्लेखनीय सुधार, बाढ़ और जलभराव में कमी, सड़क संपर्क बढने और जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। पर्याप्त कार्यान्वयन के बाद ही इन परिणामों का शहरवार अंतिम मूल्यांकन संभव है। यूएफआरएमपी के तहत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा और परियोजनाओं की समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-एनडीएमए में समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। एनडीएमए ने शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के लिए निगरानी और मूल्यांकन ढांचा भी तैयार किया है और इसे शहरों को अपनाने और सूचित करने के लिए भेजा है।

अनुलग्नक-I

यूएफआरएमपी चरण-I के तहत आवंटित और जारी की गई राशि का शहर/राज्यवार विवरण

क्र.सं.

 

 

शहरों/राज्यों की सूची

मंजूर वित्तीय

परिव्यय

एनडीएमएफ से केंद्रीय

वित्तीय

सहायता

एनडीएमएफ से जारी निधि

1

अहमदाबाद/गुजरात

275.00

243.90

73.17

2

बंगलुरू/ कर्नाटक

275.00

238.72

71.62

3

चेन्नई / तमिलनाडु

561.29

500.00

331.50

4

हैदराबाद/तेलंगाना

319.53

250.00

75.00

5

कोलकाता/ पश्चिम बंगाल

650.43

500.00

150.00

6

मुंबई/ महाराष्ट्र

707.71

500.00

150.00

7

पुणे/महाराष्ट्र

286.69

250.00

75.00

                                                                          (करोड़ रुपये में)

 यूएफआरएमपी चरण-II के तहत आवंटित और जारी की गई राशि का शहर/राज्यवार विवरण

(करोड़ रुपये में)

क्र.सं.

 

 

शहर/राज्य

मंजूर वित्तीय

परिव्यय

एनडीएमएफ से केंद्रीय

वित्तीय

सहायता

एनडीएमएफ से जारी निधि

1

भोपाल, मध्य प्रदेश

222.22

200

0.00

2

भुवनेश्वर, ओडिशा

222.22

200

0.00

3

गुवाहाटी, असम

222.22

180

54.00

4

जयपुर, राजस्थान

222.22

200

0.00

5

कानपुर, उत्तर प्रदेश

222.22

200

0.00

6

पटना, बिहार

222.22

200

0.00

7

रायपुर, छत्तीसगढ़

222.22

200

0.00

8

त्रिवेंद्रम, केरल

222.22

200

0.00

9

विशाखापत्तनम,

आंध्र प्रदेश

222.22

200

0.00

10

इंदौर, मध्य प्रदेश

222.22

200

0.00

11

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

222.22

200

0.00

पीके/केसी/एकेवी/एमपी प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2297776) आगंतुक पटल : 120

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, वर्ष 1981 hindi PDF Download link - इसे वायु प्रदूषण के निवारण, नियंत्रण और रोक की व्यवस्था करने के लिए अधिनियमित किया गया है

भारत में वायु प्रदूषण के निवारण , नियंत्रण और रोक की व्यवस्था करने के लिए वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम , वर्ष 1981 में अधिनियमित किया गया और वर्ष 1987 में संशोधित किया गया है उल्लेखनीय है की वायु प्रदुषण के लिए अग्रलिखित अधिनियम और नियम वर्त्तमान में विधिमान्य है जिनको आप अग्रलिखित वेब लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते हैं :- अधिनियम को डाउनलोड करने के लिए निचे लिखे नामों (इस लिंक) पर क्लिक करें 👇👇👇 वायु (प्रदूषण की रोकथाम औरनियंत्रण) अधिनियम 1981 वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम 1981 , को वर्ष 1987 में किया गया संशोधन   [1981 की सं. 1 , (29/3/1981)] सूचनाएं डाउनलोड करने के लिए नाम पर क्लिक करें 👇👇👇 संशोधित राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानक , अधिसूचना (ENG) जी.एस.आर. 935( ई) , [14/10/1998] – अमोनिया (एनएच 3) के लिए परिवेश वायु गुणवत्ता मानक (ENG) जी.एस.आर. 389( ई) , [23/9/1994] – सीपीसीबी ने दिल्ली , कलकत्ता , वडोदरा और कानपुर में प्रयोगशलाओं की पुनर्स्थापना की (ENG) सा.आ. 1032( ई) , [12/12/1989] – संघ शासित प्रदे...

स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता (4एस) अभियान

  सभी के लिए सुनिश्चित हो रहा एक सुरक्षित भविष्य स्वच्छ भारत मिशन ने भारत के स्वच्छता परिदृश्य को सफलतापूर्वक बदल दिया स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता ( 4 एस) अभियान तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है: स्वच्छता की भागीदारी - स्वच्छ भारत के लिए सार्वजनिक भागीदारी , जागरूकता और गतिविधियाँ , संपूर्ण स्वच्छता - मेगा स्वच्छता अभियान और स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) का समयबद्ध परिवर्तन , जैसे गंदे स्थान सफाई मित्र सुरक्षा शिविर - स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता कार्यकर्ताओं के कल्याण के लिए एकल-खिड़की सेवा , सुरक्षा और सम्मान शिविर। यह अभियान सार्वजनिक भागीदारी (जनभागीदारी) जुटाने , स्थायी स्वच्छता हासिल करने और स्वच्छता कार्यकर्ताओं (सफाई मित्रों) की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानने पर केंद्रित होगा। स्वच्छता ही सेवा 2023 में , 109 करोड़ से अधिक व्यक्तियों और भारत सरकार के 71 मंत्रालयों और विभागों ने 18 दिनों में राष्ट्रव्यापी अभियान में भाग लिया। देश भर में प्रति दिन औसतन लगभग छह करोड़ लोगों की भागीदारी हुई। 18 दिनों की अवधि में देश भर से 53 करोड़ लोगों ने ' स्वच्छता के लिए ...

केंद्रीय जल मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन-2024’की शुरुआत की

नारी शक्ति से जल शक्ति" थीम वाले शासकीय अभियान से महिलाओं को को सशक्त बनाने के उद्देश को नई दिशा मिलेगी और महिला शक्ति की सहभागिता से जल संसाधन का संरक्षण होगा कैच द रेन अभियान केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं को सशक्त बनाने और जलसुरक्षित भविष्यका निर्माण सुनिश्चित करने के लिए कैच द रेन अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया , हमारा दृढ़ विश्वास है कि महिलाओं का सशक्तिकरण करने से राष्ट्र सशक्त होगा: श्री शेखावत केंद्रीय जल मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 09 मार्च , 2024 को नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में "जल शक्ति अभियान: कैच द रेन" अभियान के पांचवें संस्करण का शुभारंभ किया।"नारी शक्ति से जल शक्ति" थीम वाले इस अभियान में जल संरक्षण एवं प्रबंधन में महिलाओं की अभिन्न भूमिका पर बल दिया गया है। यह अभियान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय जल मिशन , जल संसाधन , नदी विकास और गंगा कायाकल्प विभाग के अंतर्गत आता है। केंद्रीय मंत्री ने दो पुस्तकों "जल शक्ति अभियान 2019 से 2023- द जर्नी फॉर सस्टेनेबल वाटर फ्यूचर" और "महिला ...

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने जिला प्रशासन और राज्य सरकारों को फसल की कटाई के मौसम में पराली जलाने को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आस-पास के क्षेत्रों में राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र , पंजाब , हरियाणा , राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जिला अधिकारियों को पराली जलाने के मामले में अकर्मण्‍य अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का अधिकार दिया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने जिला प्रशासन और राज्य सरकारों को फसल की कटाई के मौसम में पराली जलाने को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया। राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता पर इसके प्रभाव के कारण पराली जलाना गंभीर चिंता का विषय है और आयोग पंजाब , हरियाणा , उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारों , राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र , दिल्‍ली सरकार ,  राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों , पंजाब और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और इससे संबंधित संस्थानों सहित संबंधित हितधारकों के परामर्श से इस मुद्दे पर विचार-विमर्श कर रहा है। 2021 , 2022 और 2023 के दौरान अनुभवों और सीखों के आधार पर , धान की कटाई के मौसम के दौरान पराली जलाने की रोकथाम और नियंत्रण पर ध्यान के...

पद्मजा नायडू हिमालयन चिड़ियाघर ने भविष्य के लिए लाल पांडा आनुवंशिक संसाधनों को संरक्षित करने के लिए संरक्षण को बायोबैंकिंग सुविधा के साथ मजबूत किया

  पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क , दार्जिलिंग के रेड पांडा कंजर्वेशन ब्रीडिंग एंड ऑग्मेंटेशन प्रोग्राम को वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ जूज़ एंड एक्वेरियम द्वारा 2024 डब्ल्यूएजेडए कंजर्वेशन एंड एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स के लिए शीर्ष तीन फाइनलिस्ट में से एक के रूप में चुना गया है। विजेता की घोषणा 7 नवंबर 2024 को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के टारोंगो चिड़ियाघर में 79 वें डब्ल्यूएजेडए वार्षिक सम्मेलन में की जाएगी। 2022 और 2024 के बीच , नौ कैप्टिव-ब्रेड रेड पांडा (सात मादा और दो नर) को पश्चिम बंगाल के सिंगालीला नेशनल पार्क (एसएनपी) में छोड़ा गया। रिहा की गई सात मादाओं में से तीन ने जंगल में पाँच शावकों को जन्म दिया। पीएनएचजेडपी ने पश्चिम बंगाल सरकार के वन्यजीव विंग के साथ मिलकर सिंगालीला नेशनल पार्क और दार्जिलिंग डिवीजन में कई आवास बहाली की पहल की है। पीएनएचजेडपी सीसीएमबी , आईआईएसईआर और डब्ल्यूआईआई जैसे संस्थानों के साथ लाल पांडा से संबंधित कई आंतरिक और सहयोगी शोध कार्य कर रहा है।  पीएनएचजेडपी के संरक्षण प्रयास को इसके बायोबैंकिंग और जेनेटिक रिसोर्स सुविधा से और अधिक मजबूती मिल...

आइए शपथ लेते हैं :- पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे जन जागृति अभियान में आप सभी की सहभागिता अपेक्षित है निवेदन है कि, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के मार्गदर्शन में कार्यरत पर्यावरण नियम कुंजी आप सभी से आग्रह कर रही है की आप अपनी भागीदारी देकर प्रदूषण को समूल नष्ट करने में सहभागिता दें

पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है आपकी सहभागिता  पर्यावरण क्या है समझिए ! पर्यावरण शब्द ' परि+आवरण ' के संयोग से बना है। ' परि ' का आशय चारों ओर तथा ' आवरण ' का आशय परिवेश है। दूसरे शब्दों में कहें तो पर्यावरण अर्थात वनस्पतियों , प्राणियों , और मानव जाति सहित सभी सजीवों और उनके साथ संबंधित भौतिक परिसर को पर्यावरण कहतें हैं वास्तव में पर्यावरण में वायु , जल , भूमि , पेड़-पौधे , जीव-जन्तु , मानव और उसकी विविध गतिविधियों के परिणाम आदि सभी का समावेश होता है। आवश्यक क्यों है ! पर्यावरण संरक्षण का समस्त प्राणियों के जीवन तथा इस धरती के समस्त प्राकृतिक परिवेश से घनिष्ठ संबंध है। प्रदूषण के कारण सारी पृथ्वी दूषित हो रही है और निकट भविष्य में मानव सभ्यता का अंत दिखाई दे रहा है । इसलिए दुनिया के सभी देशों पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने के लिए अनेक उपाय किए जा रहें हैं वस्तुतः पर्यावरण के संरक्षण से ही धरती पर जीवन का संरक्षण हो सकता है , अन्यथा मंगल ग्रह आदि ग्रहों की तरह धरती का जीवन-चक्र भी समाप्त हो जायेगा । दुराग्रामी दुष्परिणाम घातक है पर्यावर...