राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन से पेट्रोलियम और रिफाइनिंग सेक्टर में हरित हाइड्रोजन के अंगीकरण को बढ़ावा
भारत सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) को कार्यान्वित कर रही है जिसका उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और उसके व्युत्पन्न पदार्थों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) की
साइट (स्ट्रेटेजिक इंटरवेंशन्स फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन) मोड – 2बी योजना के तहत, रिफाइनरियों के लिए 30 किलो टन प्रति वर्ष (केटीपीए ) की
ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है, जिसका विवरण निम्नलिखित है:
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रिफाइनरी |
स्थान |
हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता |
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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड |
पानीपत |
10 केटीपीए |
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भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड |
बीना |
5 केटीपीए |
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हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड |
विजाग |
5 केटीपीए |
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नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड |
नुमालीगढ़ |
10 केटीपीए |
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कुल |
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30 केटीपीए प्रति वर्ष |
ये परियोजनाएं निजी डेवलपर्स के माध्यम से बिल्ड ओन ऑपरेट व्यवस्था
के तहत कार्यान्वित की जाती हैं, जिनमें संबंधित परियोजना डेवलपर्स
द्वारा परियोजना-विशिष्ट निवेश किया
जाता है। हरित हाइड्रोजन के घरेलू उत्पादन और उपयोग से आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम
होने, ऊर्जा सुरक्षा
बढ़ने और भारत के स्वच्छ
ऊर्जा परिवर्तन और नेट-जीरो लक्ष्यों को सहायता मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री
श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पीके/केसी/एसकेजे/एनजे(रिलीज़ आईडी: 2297616) आगंतुक पटल : 498 प्रविष्टि तिथि: 11 AUG 2026 by PIB Delhi