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गांधीनगर में समावेशी और बड़े पैमाने पर लागू होने वाले सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों को तेजी से अपनाने के आह्वान के साथ 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' का समापन; कोलंबिया यूनिवर्सिटी (यूएसए) डब्ल्यूसीईएफ 2027 की मेजबानी करेगी


  सर्कुलर समाधानों के लिए जमीनी स्तर पर सहयोग का ही होता है असली प्रभाव; प्रतिबद्धता से आगे बढ़कर कदम उठाने की आवश्यकता: श्री प्रवीणभाई माली, राज्य मंत्री (पर्यावरण), गुजरात

डब्ल्यूसीईएफ 2026 का बदलाव की प्रक्रिया में समावेशिता और लोगों की भागीदारी के महत्व पर रह जोर; साथ ही सर्कुलर समाधानों के लिए व्यावहारिक साझेदारियों, व्यावसायिक सहयोग, नवाचार और निवेश पर भी चर्चा की गई: सुश्री सारी मुलताला, कैबिनेट मंत्री, फिनलैंड

गुजरात के गांधीनगर में 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026' (डब्ल्यूसीईएफ 2026) आज संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में सर्कुलर इकोनॉमी के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। इस फोरम में 60 से ज्यादा देशों के लगभग 2,700 प्रतिनिधि और 260 वक्ता शामिल हुए, जिनमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, स्टार्ट-अप, शिक्षा जगत और नागरिक समाज के लोग शामिल थे।

समापन सत्र में गुजरात सरकार के वन और पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और परिवहन राज्य मंत्री श्री प्रवीणभाई माली और फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण कैबिनेट मंत्री सुश्री सारी मुलताला शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में एसआईटीआरए के प्रेसिडेंट श्री अट्टे जास्केलाइनेन के अलावा भारत और गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में डब्ल्यूसीईएफ 2026 की प्रमुख फिल्म दिखाई गई और इकोमार्क लोगो भी लॉन्च किया गया।

अपने विशेष संबोधन में, श्री प्रवीणभाई माली ने फोरम के पिछले दो दिनों में व्यापक और सार्थक चर्चा करने के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का असली असर 'सर्कुलर सॉल्यूशंस' (चक्रीय समाधानों) के लिए जमीनी स्तर पर होने वाले सहयोग में दिखता है और उन्होंने प्रतिबद्धता से आगे बढ़कर काम करने की जरूरत पर जोर दिया। मंत्री ने यह भी बताया कि सर्कुलर इकॉनमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) केवल पर्यावरण से जुड़ा एजेंडा नहीं है, बल्कि यह एक आर्थिक अवसर, सामाजिक जिम्मेदारी, रोजमर्रा की जीवनशैली और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने का रास्ता है।

 सुश्री सारी मुलताला ने अपने संबोधन में डब्ल्यूसीईएफ 2026 की सफल मेजबानी के लिए भारत को बधाई दी और कहा कि भारत ने न केवल इस फोरम की मेजबानी की है, बल्कि इसे प्रेरित भी किया है। सर्कुलर इकोनॉमी कोई पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक और विकास का एक अवसर है; यह अब भविष्य की कोई संभावना नहीं, बल्कि एक ऐसी चीज है जो पहले से ही दुनिया भर में मौजूद है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूसीईएफ 2026 के दौरान समावेशिता और बदलाव में लोगों की भूमिका पर विशेष रूप से जोर दिया गया, साथ ही सर्कुलर समाधानों में व्यावहारिक साझेदारियों, व्यावसायिक सहयोग, नवाचारों और निवेशों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि विचारों को निवेश में बदलना चाहिए और सफल नवाचारों को तेजी से लागू करके बड़े पैमाने पर अपनाया जाना चाहिए।

इससे पहले, समापन सत्र की भूमिका बांधते हुए, अतिरिक्त सचिव (एमओईएफसीसी) और चेयरमैन (सीपीसीबी) डॉ. अमनदीप गर्ग ने उपस्थित लोगों को बताया कि पिछले दो दिनों में इस फोरम में चार पूर्ण सत्र और 16 समानांतर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सर्कुलर इकोनॉमी के वित्तीय, तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर चर्चा हुई। रोजगार, समावेशिता, लैंगिक समानता, भविष्य की चुनौतियों और पर्याप्त वित्तपोषण की आवश्यकता जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि फोरम में हुई चर्चाओं को ज़मीनी स्तर पर सामूहिक और सफल रूप से लागू किया जाए।

चेयरमैन ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्ण अधिवेशन में राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय पहलों, व्यावसायिक नवाचार और औद्योगिक रणनीति के माध्यम से सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में भारत के विजन और नेतृत्व को दिखाया गया। इन सत्र में सहायक नीतियों, भौतिक सुरक्षा, नवाचार, उद्यमशीलता और कौशल विकास के महत्व पर ध्यान दिया गया। इसके बाद, अलग-अलग तरह के अपशिष्ट प्रवाहों (वेस्ट स्ट्रीम्स) पर समानांतर सत्र के माध्यम से इन व्यापक सिद्धांतों को व्यावहारिक और क्षेत्र-विशिष्ट सुझावों में बदला गया, जिससे सर्कुलर समाधानों को बड़े पैमाने पर लागू करने में री-स्किलिंग, डिजिटल तकनीक, वित्त, मूल्य श्रृंखला भागीदारी और नागरिकों की भागीदारी की भूमिका की पुष्टि हुई।

यह भी बताया गया कि फोरम के साथ ही आयोजित प्रदर्शनी में 135 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। इसमें सर्कुलर समाधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने की झलक दिखाई गई और व्यावहारिक चुनौतियों व मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया गया। फोरम के दौरान सामने आए विचारों को आगे बढ़ाने और उन्हें व्यावहारिक तरीकों में बदलने के लिए, 17-18 सितंबर 2026 को अलग-अलग सहयोगियों द्वारा 80 एक्सेलेरेटर सत्र आयोजित किए जाएंगे। फ़ोरम ने संस्थागत तालमेल, क्षमता विकास और सभी स्तरों पर फैसला लेने की प्रक्रिया में सर्कुलर सिद्धांतों को शामिल करके समावेशी और बड़े पैमाने पर लागू होने वाले सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों को तेजी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

समापन समारोह का समापन तब हुआ जब इंटरनेशनल प्रोग्राम्स (एसआईटीआरए) के डायरेक्टर मिस्टर क्रिस्टो लेहटोनेन ने डब्ल्यूसीईएफ 2027 के आयोजन की जिम्मेदारी संयुक्त राज्य अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी को सौंपी।

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पीके / केसी/ एमपी/डीए प्रविष्टि तिथि: 16 SEP 2026 by PIB Delhरलीज़ आईडी: 2311103) आगंतुक पटल : 173

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