वन क्षेत्र में सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 7वीं बैठक 8 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में अपर महानिदेशक (वन) श्री रमेश कुमार पांडे ने किया, जबकि जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जापान सरकार के कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन मंत्रालय के वानिकी एजेंसी के उप महानिदेशक श्री शिमिजु कोटारो ने किया।
इस बैठक में
सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। वनों के बाहर वृक्ष
(टीओएफ) कार्यक्रम के अंतर्गत, दोनों पक्षों ने वनों के बाहर
वृक्ष संसाधनों के आकलन, प्रबंधन और आनुवंशिक सुधार पर अपने
अनुभव साझा किए। आनुवंशिक संसाधन संरक्षण, वृक्ष प्रजनन,
उन्नत रोपण सामग्री और जीव द्रव्य (जीवित आनुवंशिक सामग्री) संरक्षण
पर विशेष ध्यान देते हुए वन आनुवंशिकी पर चर्चा की गई। वन भंडार के अंतर्गत,
दोनों पक्षों ने वन सूची, वन भंडार आकलन और
भू-स्थानिक एवं निगरानी प्रौद्योगिकियों पर अपने विचार साझा किए।
दोनों पक्षों
ने 2015 में हस्ताक्षरित सहयोग ज्ञापन (एमओसी) के तहत 2027-2031 के रोडमैप का समर्थन किया और वन, जैव विविधता
संरक्षण, अनुसंधान और क्षमता विकास के क्षेत्रों में सहयोग
और संबंधों को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस बैठक का समापन 7वें संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) के कार्यवृत्त पर हस्ताक्षर के साथ
हुआ।
कार्यक्रम के
अंतर्गत,
दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने बेंगलुरु स्थित लकड़ी विज्ञान एवं
प्रौद्योगिकी संस्थान का दौरा किया और कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत
की। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल 9
सितंबर को मैसूरु में चंदन कृषि-वानिकी फार्म, चंदन डिपो और
प्रसंस्करण इकाई का दौरा करेंगे, जिसके बाद 10 सितंबर को नागरहोल बाघ अभ्यारण्य का दौरा करेंगे। इन दौरों से निजी
फार्मों में चंदन की खेती और वन्यजीव संरक्षण प्रथाओं पर अनुभवों का आदान-प्रदान
करने का अवसर मिलेगा।
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पीके/केसी/एके/एचबी
प्रविष्टि तिथि: 08
SEP 2026 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2307978) आगंतुक पटल : 307