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वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों के सख्त, समन्वित और समयबद्ध कार्यान्वयन की मांग

 सीएक्यूएम ने पराली जलाने की रोकथाम, वाहनों और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की

 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की सुरक्षा एवं प्रवर्तन संबंधी उप-समिति ने सीएक्यूएम के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में 29.09.2026 को अपनी 26वीं बैठक आयोजित की। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को लक्षित रूप से कम करने के लिए संबंधित एनसीआर राज्य सरकारों/जीएनसीटीडी और कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा की जा रही तैयारियों, कार्यान्वयन और अनुपालन उपायों की स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान, आयोग द्वारा जारी विभिन्न वैधानिक निर्देशों के कार्यान्वयन और क्षेत्र-विशिष्ट उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उप-समिति ने दिनांक 15.05.2026 के निर्देश संख्या 99 और धान की पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 के दौरान इन घटनाओं की रोकथाम और नियंत्रण हेतु संबंधित कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तैयारियों का जायजा लिया। समीक्षा बैठक में फसल विविधीकरण, धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को बढ़ावा देने, फसल अवशेषों के उपयोग और किसानों के बीच जागरूकता और सूचना एवं संचार शिक्षा (आईईसी) गतिविधियों को मजबूत करने के उपायों को भी शामिल किया गया।

उप-समिति ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उपायों की व्यापक समीक्षा की, जिसमें दिनांक 23.04.2025 के निर्देश संख्या 88 (जिसे दिनांक 17.10.2025 को संशोधित किया गया था) के तहत दिल्ली में बीएस-IV और उससे नीचे के परिवहन और वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित कार्रवाई भी शामिल थी। दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों, जिनमें अखिल भारतीय पर्यटन परमिट और अन्य सेवा व्यवस्थाओं के तहत चलने वाली बसें भी शामिल हैं, को स्वच्छ परिवहन साधनों की ओर स्थानांतरित करने से संबंधित दिनांक 03.06.2025 के निर्देश संख्या 93 के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई।

बैठक में एनसीआर राज्य सरकारों/जीएनसीटीडी की ईंधन/सीएनजी स्टेशनों पर निर्देश संख्या 101 दिनांक 15.05.2026 के अनुसार एनसीआर में वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के बिना वाहनों में ईंधन भरने पर 01.10.2026 से प्रतिबंध लागू करने से संबंधित स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित करने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उप-समिति ने निर्देश संख्या 94 दिनांक 03.06.2025 (जिसे 23.12.2025 को संशोधित किया गया था) के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की। इसमें मोटर वाहन एग्रीगेटरों, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स संस्थाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए अचानक निरीक्षण के माध्यम से अनुपालन सत्यापन सहित प्रावधान शामिल हैं।

उच्चतम न्यायालय के दिनांक 17.12.2025 के आदेश के अनुपालन में पुराने समय समाप्ति वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया और इन वाहनों को जब्त करने और स्क्रैप करने की कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया गया। उप-समिति ने दिनांक 30.11.2022 के निर्देश संख्या 70 के अनुसार 31.12.2026 तक एनसीआर जिलों से डीजल ऑटो-रिक्शा को पूरी तरह से हटाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। दिल्ली और एनसीआर के शहरों में यातायात जाम के प्रमुख स्थानों/चौराहों की पहचान और उन्हें कम करने के उपायों की भी समीक्षा की गई, जिसमें एएनपीआर-आधारित स्वचालित चालान के साथ एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) को अपनाना शामिल है।

उप-समिति ने एनसीआर में पत्थर तोड़ने वाली इकाइयों से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित दिनांक 19.08.2026 के निर्देश संख्या 103 के कार्यान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की। दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों के लिए कड़े उत्सर्जन मानकों से संबंधित दिनांक 20.02.2026 के निर्देश संख्या 98 के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई।

बैठक में प्रमुख क्षेत्रों से धूल हटाने के लिए अतिरिक्त यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों (एमआरएसएम) की खरीद और सर्दियों की शुरुआत से पहले उनकी तैनाती पर विशेष ध्यान दिया गया।

उप-समिति ने आयोग के वैधानिक निर्देशों के अनुपालन की निगरानी और प्रवर्तन को मजबूत करने के तहत निर्माण एवं विध्वंस स्थलों, उद्योगों और डीजी सेटों के गुप्त/अचानक निरीक्षणों पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा की। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त और केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जीएनसीटीडी और एनसीआर राज्यों में संबंधित एजेंसियों को भेजी गई शिकायतों के समय पर समाधान की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को आयोग के वैधानिक निर्देशों के सख्त, समन्वित और समयबद्ध कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिसमें आगामी शीत ऋतु के लिए तैयारी, वाहन और औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी कार्यान्वयन, पराली जलाने की रोकथाम, सड़क और निर्माण एवं विध्वंस से धूल कम करने और एनसीआर में निरीक्षण और अनुपालन-निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।उप-समिति ने क्षेत्र-विशिष्ट उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा निरंतर और समन्वित प्रयासों के महत्व को दोहराया। इसके अलावा, सभी कार्यान्वयन एजेंसियों ने आयोग के निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सख्त, लक्षित और समयबद्ध कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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पीके/केसी/आरटी/जेके/एसके प्रविष्टि तिथि: 30 SEP 2026 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2317274) आगंतुक पटल : 101

 

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