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जैव-ई3 नीति के पर्यावरणीय परिणाम

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने जैव-ई 3 ( अर्थव्यवस्था , पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति के तहत जीवाश्म-आधारित कच्‍चे-माल के स्‍थान पर जैव-आधारित विकल्पों के जैव-विनिर्माण के लिए प्रौद्योगिकी विकास और उसके विस्‍तार के संबंध में पैमाने , उपज तथा प्रौद्योगिकी तत्‍परता स्तर के आधार पर मापनीय लक्ष्य निर्धारित किए हैं।   जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने जीवाश्म आधारित कच्‍चे-माल पर आयात निर्भरता कम करने के उद्देश्य से जैव-विनिर्माण समाधान विकसित करने वाली परियोजनाओं को भी सहायता प्रदान की है। डीबीटी द्वारा शुरू किये गए डिजिटल पोर्टल ' सुजीविका ' पर जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित आयात संबंधी आकड़े उपलब्‍ध हैं। यह पोर्टल आयात संबंधी आंकड़ों के आधार पर स्वदेशी जैव-आधारित उत्पादों की पहचान करने में सहायता करता है , ताकि आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा दिया जा सके तथा जीवाश्‍म-व्‍युत्‍पन्‍न रसायनों एवं सामग्रियों और ईंधनों सहित आयातित रसायनों एवं सामग्रियों पर निर्भरता कम करते हुए घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके। इस विभाग ने कृषि ...

एसबीएम (जी) चरण II के अंतर्गत 5.63 लाख से अधिक गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई

एसबीएम (जी) चरण II गांवों में सतत स्वच्छता और ग्रे-वॉटर प्रबंधन पर केंद्रित है स्वच्छता राज्य का विषय है। स्वच्छ भारत मिशन ( ग्रामीण ) [ एसबीएम ( जी )] चरण II एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा संबंधित अधिकार क्षेत्रों में कार्यान्वित किया जाता है। एसबीएम ( जी ) चरण II 1 अप्रैल 2020 से शुरू किया गया था। जिसका मुख्य उद्देश्य गांवों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन ( एसएलडब्ल्यूएम ) और गांवों में साफ - सफाई सुनिश्चित करने के साथ खुले में शौच मुक्त ( ओडीएफ ) की स्थिति को बनाए रखना है , यानी गांवों को ओडीएफ प्लस ( मॉडल ) में परिवर्तित करना है। पेयजल और स्वच्छता विभाग ( डीडीडब्ल्यूएस ) एसबीएम ( जी ) चरण - II के तहत ग्रेवॉटर प्रबंधन ( जीडब्ल्यूएम ) की स्थिति की निगरानी करता है , जैसा कि एसबीएम ( जी ) एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली ( आईएमआईएस ) पर राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा रिपोर्ट किया गया है। एसबीएम ( जी ) आईएमआईएस पर राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार , 07.08.2026 तक , 5,86,944 गांवों में से 5,63,809 ग...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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