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सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को स्वच्छ वायु दिवस 2026 के अवसर पर 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए गए; एनसीएपी के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों का संकलन जारी किया गया

वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए स्थानीय निकायों को सर्वांगीण और समग्र समाज के दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए: अध्यक्ष (एनजीटी)वायु प्रदूषण से लड़ना एक सतत कार्यक्रम है , जिसके लिए मिशन मोड में नागरिक आंदोलन की आवश्यकता है: सचिव (ईएफसीसी) पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने आज स्वच्छ वायु दिवस 2026 का आयोजन किया। आज ही स्वच्छ आकाश के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि के रूप में की। इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में सचिव (ईएफसीसी) श्री तन्मय कुमार ; अध्यक्ष (सीएक्यूएम) श्री राजेश वर्मा ; महानिदेशक (वन) और विशेष सचिव (ईएफसीसी) श्री सुशील कुमार अवस्थी ; अध्यक्ष (सीपीसीबी) श्री अमनदीप गर्ग ; और अवर सचिव (ईएफसीसी) , श्री आशुतोष अग्निहोत्री शामिल थे। केंद्रीय मंत्रालयों और बहुपक्षीय संगठनों के अधिकारियों , पुरस्कार विजेता शहरों और वार्डों के महापौरों , जिला कलेक्टरों और नगर आयुक्तों के साथ-साथ एमओईएफसीसी , सीपीसीबी और सीएक्यूएम के...

चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक आयोजित हुई; विचार-विमर्श में राज्य और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता शासन ढांचे के प्रभावी कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया गया

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक ने जैव विविधता संरक्षण के समकालीन दृष्टिकोणों के साथ पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक भागीदारी के संयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला , केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संशोधित राष्ट्रीय जैव विविधता शासन ढांचे के अनुरूप नियम , संस्थागत तंत्र और कार्यान्वयन प्रक्रियाएं बनानी होंगी , श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सतत विकास में योगदान देने वाली स्थानीय जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण के लिए गतिशील स्थानीय स्तर की योजना अनिवार्य राज्य जैव विविधता बोर्डों (एसबीबी) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों (यूटीबीसी) की 16 वीं राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन आज चंडीगढ़ में हुआ। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक 6-7 सितंबर 2026 तक चलेगी और इसमें देश भर के एसबीबी और यूटीबीसी के अध्यक्ष और सदस्य सचिवों के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी , विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भी शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक श्री गुलाब चंद ...

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री ने गांधीनगर में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (डब्ल्यूसीईएफ) 2026 का उद्घाटन किया

डब्ल्यूसीईएफ 2026 को विश्व के लिए व्यावहारिक चक्रीय समाधान विकसित करके वसुधैव कुटुंबकम की भावना को पूरी तरह अपनाना चाहिए: श्री भूपेंद्रभाई पटेल , गुजरात के मुख्यमंत्री क्षतिग्रस्त सामग्रियों को बदलने से पहले उनकी मरम्मत करें , फेंकने से पहले पुन: उपयोग करें , अपशिष्ट को नष्ट करने से पहले उसमें से उपयोगी सामग्री प्राप्त करें - भारत में पुनर्चक्रण पर आधारित लोकाचार परंपरा में निहित हैं: श्री भूपेंद्र यादव चक्रीयता स्वाभाविक रूप से सहयोगात्मक है- इसके संबंध में ज्ञान , प्रौद्योगिकी , वित्त और उत्तरदायित्व एक देश से दूसरे देश में और विभिन्न क्षेत्रों से परे जाना चाहिए: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल के साथ आज गांधीनगर में विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम ' चक्रीय अर्थव्यवस्था: आम लोगों और समृद्धि के लिए परिवर्तन ' विषय पर 15 से 18 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसके उद्घाटन सत्र में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में गुजरात के वन ...

सीएक्यूएम ने हरियाणा के नूंह में स्पेशल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई; 35 में से 17 यूनिट्स नियमों का पालन करती नहीं पाई गईं

  नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में इंडस्ट्रियल गतिविधियों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने की अपनी लगातार कोशिशों के तहत , NCR और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (सीएक्यूएम) ने 03.09.2026 को हरियाणा के नूंह में एक स्पेशल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई। इस स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव के लिए सीएक्यूएम के आठ फ्लाइंग स्क्वॉड , हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ( HSPCB) और राज्य प्रशासन के अधिकारियों को तैनात किया गया था। टीमों ने नूंह जिले में 35 इंडस्ट्रियल यूनिट्स/परिसरों का निरीक्षण किया ताकि लागू पर्यावरण नियमों और ' कंसेंट टू ऑपरेट ' ( सीटीओ) के तहत तय शर्तों के पालन का पता लगाया जा सके। इंस्पेक्शन ड्राइव में नियमों का पालन न करने के कई मामले सामने आए। निरीक्षण की गई 35 यूनिट्स में से 17 यूनिट्स नियमों का पालन करती नहीं पाई गईं , 11 यूनिट्स नियमों का पालन करती पाई गईं , और 7 यूनिट्स निरीक्षण के समय बंद/काम नहीं कर रही थीं। नियमों का पालन करने वाली 11 यूनिट्स में से 10 यूनिट्स पूरी तरह से नियमों का पालन करती पाई गईं , जबकि 1 यूनिट सुधार के स...

जल संचय जनभागीदारी: सामुदायिक सहयोग से जल सुरक्षा

सदियों से , भारतीय समुदायों ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार जल अधिग्रहण , संग्रहण करने और साझा करने के तरीके विकसित किए। बावड़ियों , तालाबों , जोहड़ों और पारंपरिक सिंचाई प्रणालियों में एक सरल समझ झलकती है: जल सुरक्षा एक सामुदायिक जिम्मेदारी थी। बढ़ती आबादी , कृषि के विस्तार और त्‍वरित शहरीकरण ने जल प्रबंधन को और भी जटिल बना दिया है। नई तकनीक , अवसंरचना और संस्थागत व्यवस्था आवश्यक हो गए हैं। फिर भी , स्थायी जल प्रबंधन के लिए सामुदायिक भागीदारी केंद्र बना हुआ है। सामूहिक कार्यों की इस परंपरा को जल संचय जनभागीदारी ( जेएसजेबी ) में एक नई अभिव्यक्ति मिली। 6 सितंबर , 2024 को शुरू की गई इस पहल ने सामुदायिक भागीदारी और स्वामित्व को जल संरक्षण के केंद्र में रखा है। यह पहल कम लागत वाले भूजल पुनर्भरण और जल भंडारण संरचनाओं के निर्माण और निष्क्रिय बोरवेल को पुनर्जीवित करने पर केंद्रित है। यह संपूर्ण सरकार और संपूर्ण-समाज दृष्टिकोण के माध्यम से वैज्ञानिक रूप से डिज़ा...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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