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10 वर्षों के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की

जीआईबी पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम – बंदी बनाकर पाले गए पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनःस्थापित करने के लिए प्रोटोकॉल के क्रमिक परिष्करण में सहायता गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में , वन्यजीव सप्ताह 2026 के दौरान केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा (वीसी के माध्यम से) ने आज जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में कल होने वाले सॉफ्ट-रिलीज सुविधा से दो बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया के शुभारंभ में भाग लिया। जीआईबी का यह पुनःवन्यीकरण राजस्थान के राजकीय पक्षी की एक व्यवहार्य आबादी विकसित करने के लिए एक दशक से किए जा रहे निरंतर कठिन परिश्रम , समर्पण और वैज्ञानिक अनुसंधान का परिणाम है। गणमान्य व्यक्तियों ने रामदेवरा और सैम में जीआईबी संरक्षण प्रजनन केंद्र की प्रगति की भी समीक्षा की और नवनिर्मित पुनःवन्यीकरण एवियरी का उद्घाटन किया , साथ ही परिदृश्य में जीआईबी की एक दशक की या...

औषध विभाग ने वैज्ञानिक तरीके से ई-कचरे के प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटारे पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष अभियान 6 का शुभारंभ किया

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत 12,208 स्वच्छता अभियान और ई-कचरे की 1,011 इकाइयों के निपटान का लक्ष्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में औषध विभाग ने अपने संबद्ध और अधीनस्थ संगठनों के साथ मिलकर 2 अक्टूबर , 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर विशेष अभियान 6 का औपचारिक शुभारंभ किया। इन संगठनों में राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण , भारतीय औषध और चिकित्सा उपकरण ब्यूरो , राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा और अनुसंधान संस्थान तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं। 15 से 30 सितंबर 2026 तक चले गहन तैयारी चरण के दौरान प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित करने , स्थलों की पहचान करने और अभिलेखों की सूची तैयार करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। अब विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सक्रिय कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर लिया है। विशेष अभियान 6 के प्रमुख लक्ष्य एवं प्रारंभिक आंकड़े ·         स्वच्छता अभियान: संगठन की विभिन्न इकाइयों में और मुख्यालय से बाहर स्थित कार्यालयों में 12,208 स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित करने की योजना बनाई गई है। ·...

शहरी बदलाव: ज्यादा हरे-भरे और टिकाऊ शहर बनाना

  किसी शहर का विकास न सिर्फ उसकी इमारतों और सड़कों से दिखता है , बल्कि इस बात से भी पता चलता है कि वह रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना कैसे करता है। कचरे का निपटान , समुदायों की भागीदारी और सेवाओं की आपूर्ति का तरीका शहरी जीवन की गुणवत्ता को तय कर सकता है। स्वच्छ भारत मिशन ने पूरे देश में इस रोजमर्रा के बदलाव को एक मजबूत आधार दिया है। समय के साथ , ध्यान सिर्फ कचरा इकट्ठा करने और उसे ठिकाने लगाने से आगे बढ़ा है। शहर बेकार चीजों से मूल्यवान चीजें बनाने , जिम्मेदारी पूर्ण आदतें अपनाने और नगर निगम की सेवाओं को ज्यादा कुशल बनाने के तरीके खोज रहे हैं। कचरे को अलग-अलग करना , रीसाइक्लिंग , दोबारा इस्तेमाल और रिकवरी जैसे ग्रीन तरीके स्थानीय सिस्टम का अहम हिस्सा बन रहे हैं , जिससे उन्हें बढ़ावा मिल रहा है। डिजिटल मॉनिटरिंग , डेटा-आधारित सिस्टम और बेहतर सर्विस डिलीवरी से स्थानीय निकायों को ज्यादा सटीकता से काम करने में मदद मिल रही है। ये कोशिशें धीरे-धीरे ऐसे शहरी इलाके बना रही हैं जो पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और रोजमर्रा की जिंददगी की जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हैं। टिकाऊ शहरी बदलाव में आ...

सीएक्यूएम ने एनसीआर में नियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा की, 17 दिनों में 197 निरीक्षण किए गए,आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक एनसीआर में 28,744 यूनिट/परियोजनाओं/संस्थाओं का निरीक्षण किया

एनसीआर और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (ईटीएफ) की 140 वीं बैठक 01.10.2026 को हुई। इस बैठक में 08.09.2026 से 24.09.2026 की अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में नियमों को लागू करने की कार्रवाई , निरीक्षण और नियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा की गई। 17 दिनों की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान , कुल 197 निरीक्षणों की रिपोर्ट मिली। इनमें कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (सीएंडडी) स्थलों पर 10, औद्योगिक क्षेत्र में 111 और डीज़ल जेनरेटर (डीजी) सेट से जुड़े 76 निरीक्षण शामिल थे। औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षणों में एक विशेष इंस्पेक्शन ड्राइव के तहत किए गए 22 निरीक्षण भी शामिल थे। निरीक्षणों के आधार पर , 85 मामलों में नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट मिली , जिनमें 8 सीएंडडी मामले , 49 औद्योगिक मामले और 28 डीजी से जुड़े मामले शामिल थे। संबंधित क्षेत्रों द्वारा रिपोर्ट किए गए उल्लंघनों के आधार पर , कई तरह की कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें 4 सीएंडडी प्रोजेक्ट और 1 औद्योगिक इकाई को बंद करना , 28 डीजी सेट को सील करना , 17 ...

गांधी जयंती के अवसर पर एमओईएफसीसी ने स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, लंबित मामलों को न्यूनतम करने और वैज्ञानिक ई-कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण की शुरुआत की

पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी ) ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर , आज आज स्वच्छता और साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य मंत्रालय के सभी अधीनस्थ कार्यालयों , स्वायत्त संगठनों , क्षेत्रीय कार्यालयों तथा अन्य क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना है। इसमें विशेष रूप से उन कार्यालयों पर ध्यान केन्‍द्रित किया जा रहा है , जहां जनता से सीधा संपर्क होता है या जो जन सेवाएं प्रदान करते हैं।   यह अभियान मिशन लाईफ ( पर्यावरण के लिए जीवनशैली) से प्रेरित निरंतर व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देने का भी प्रयास करता है। इसके तहत ऊर्जा और जल संरक्षण , एकल-उपयोग प्लास्टिक को नकारना , टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देना , अपशिष्ट और ई-कचरे को कम करना तथा स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष अभियान 6 का आयोजन प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी ) के दिशान...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये