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संदेश

भारत ने कॉप-31 को पेरिस समझौते में मौजूद कमियों को दूर करने, प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और इसके कार्यान्वयन में तेजी लाने पर दिया जोर

श्री भूपेंद्र यादव ने ऑस्ट्रेलिया , फिजी और तुवालू द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यूएनएफसीसीसी की पूर्व-कॉप- 31 बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज फिजी में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) की पूर्व-कॉप- 31 बैठक में कॉप- 31 प्राथमिकताओं पर पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए जलवायु संबंधी समझ में मौजूद कमियों को दूर करने , मौजूदा जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और पेरिस समझौते के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया। श्री यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का बहादुरी से सामना करने और एक सफल उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए तुवालू के लोगों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से आशा , आत्मविश्वास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एकजुट होने का संकल्प मजबूत होता है। मंत्री ने कहा कि यूएनएफसीसीसी और इसके पेरिस समझौते के तहत दीर्घकालिक उद्देश्य और लक्ष्य पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं , जिनमें वैश्विक तापमान वृद्धि को 1...

कचरा बीनने से उद्यमी तक

  गरिमा और आत्मनिर्भरता की ओर एक यात्रा आर्थिक सहायता और स्थायी आजीविका के अवसरों तक पहुंच वंचित समुदायों को सशक्त बनाने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्वरोजगार और यंत्र के लिए सहायता से कम आय वाले श्रमिकों को आय के अधिक स्थिर स्रोतों की ओर बढ़ने , परिवार की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने और काम की गरिमा को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। 30 वर्षीय सुश्री मेकाला नंचारम्मा अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से संबंध रखती हैं। वह पिछले लगभग 12 वर्षों से गुंटूर नगर निगम में कूड़ा बीनने का काम कर रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने के कारण उन्हें कम उम्र में ही कूड़ा बीनने का काम करना पड़ा। घोर आर्थिक तंगी के कारण वे स्कूल नहीं जा सकीं और निरक्षर हैं। उनकी आजीविका काफी हद तक कूड़ा बीनने पर निर्भर थी , जिससे उन्हें सीमित और अनियमित आय होती थी और घर के खर्चों को पूरा करना तथा अपने बच्चों के लिए बेहतर अवसर सुरक्षित करना मुश्किल हो जाता था। बुनियादी सुविधाओं और आवश्यक सेवाओं तक सीमित पहुंच वाले झुग्गी-झोपड़ीनुमा वातावरण में रहने से उ...

भारत और जापान ने संयुक्त ऋण तंत्र के लिए परिचालन नियमावली जारी की

30 सितंबर , 2026 को , भारत में जापान के राजदूत , महामहिम श्री केइची ओनो और तत्कालीन सचिव (एमओईएफसीसी) , श्री तन्मय कुमार ने नई दिल्ली में भारत-जापान संयुक्त ऋण तंत्र (जेसीएम) के लिए परिचालन नियमावली का संयुक्त रूप से शुभारंभ किया । भारत और जापान के बीच संयुक्त ऋण व्यवस्था का उद्देश्य उन्नत निम्न-कार्बन प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देना , जलवायु वित्त जुटाना , प्रौद्योगिकी सहयोग को सुगम बनाना और भारत में उच्च-स्तरीय उत्सर्जन कटौती एवं निष्कासन का समर्थन करना है। यह तंत्र अंतर्राष्ट्रीय कार्बन बाजारों में विश्वास और पारदर्शिता को मजबूत करते हुए भारत में सतत विकास में योगदान देगा। इस नियमावली का शुभारंभ पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के तहत भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय सहयोग को व्यावहारिक रूप देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे पहले 7 अगस्त 2025 को सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए थे और 8 जून 2026 को कार्यान्वयन के नियम (आरओआई) अपनाए गए थे। यह विकास संस्थागत तैयारी से कार्यान्वयन की ओर बढ़ने का संकेत देता है और भारत-जापान संयुक्त समन्वय परियोजना (जेसीएम) ...

सीएक्यूएम ने पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए 'फ्लाइंग स्क्वाड' तैनात करके जमीनी-स्तरीय निगरानी बढ़ाई

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्‍ता प्रबंधन आयोग (सीएक्‍यूएम) ने पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और उन पर नियंत्रण के लिए अपने समन्वित जमीनी-स्तरीय निगरानी प्रणाली (फील्ड-लेवल मॉनिटरिंग सिस्‍टम) को और सुदृढ़ किया है। इस निगरानी प्रणाली के तहत सीएक्यूएम द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को भेजे गए संदेश के बाद , दिनांक 01.10.2026 से 30.11.2026 तक की अवधि के लिए दोनों राज्यों के 34 ज़िलों में उड़न दस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) तैनात किए गए हैं। इसके अनुसार , पंजाब और हरियाणा के चिह्नित ज़िलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं। इससे पंजाब के 18 ज़िलों और हरियाणा के 16 ज़िलों को कवर किया गया है ,   जिससे धान की कटाई के समय के दौरान दोनों राज्यों में बड़े पैमाने पर जमीनी-स्तरीय निगरानी हो सकेगी। फ्लाइंग स्क्वाड अपने-अपने ज़िलों में ज़मीनी हालात का जायज़ा लेंगे और धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और उन पर नियंत्रण के लिए संबंधित अधिकारियों और फील्ड-लेवल के हितधारकों के साथ मिलकर काम करेंगे। ये ...

सीएक्यूएम ने दिल्ली में रिंग रोड पर सड़क की धूल और सड़क सफाई कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए निरीक्षण अभियान चलाया

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन को मजबूत करने और सड़कों की स्वच्छता में सुधार लाने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत , एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 3 अक्टूबर , 2026 को दिल्ली में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। यह निरीक्षण रिंग रोड पर दिखाई देने वाली धूल की उपस्थिति और सड़क सफाई और सफाई अभियान की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए किया गया था।  निरीक्षण अभियान के लिए , आयोग द्वारा गठित 4 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों को दिल्ली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों का निरीक्षण करने के लिए तैनात किया गया था। इस अभियान के दौरान इनर और आउटर रिंग रोड के लगभग 35 किलोमीटर लंबे कुल 25 सड़क खंडों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान , निरीक्षण किए गए सड़क खंडों पर अत्यधिक धूल और निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट के संचय से संबंधित 17 उल्लंघन पाए गए। निरीक्षण के दौरान किए गए अवलोकन से संबंधित सड़क प्रबंधन एजेंसियों द्वारा निर्धारित सड़क सफाई , झा...

10 वर्षों के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की

जीआईबी पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम – बंदी बनाकर पाले गए पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनःस्थापित करने के लिए प्रोटोकॉल के क्रमिक परिष्करण में सहायता गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में , वन्यजीव सप्ताह 2026 के दौरान केंद्रीय पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा (वीसी के माध्यम से) ने आज जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में कल होने वाले सॉफ्ट-रिलीज सुविधा से दो बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया के शुभारंभ में भाग लिया। जीआईबी का यह पुनःवन्यीकरण राजस्थान के राजकीय पक्षी की एक व्यवहार्य आबादी विकसित करने के लिए एक दशक से किए जा रहे निरंतर कठिन परिश्रम , समर्पण और वैज्ञानिक अनुसंधान का परिणाम है। गणमान्य व्यक्तियों ने रामदेवरा और सैम में जीआईबी संरक्षण प्रजनन केंद्र की प्रगति की भी समीक्षा की और नवनिर्मित पुनःवन्यीकरण एवियरी का उद्घाटन किया , साथ ही परिदृश्य में जीआईबी की एक दशक की या...

औषध विभाग ने वैज्ञानिक तरीके से ई-कचरे के प्रबंधन और लंबित मामलों के निपटारे पर ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष अभियान 6 का शुभारंभ किया

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत 12,208 स्वच्छता अभियान और ई-कचरे की 1,011 इकाइयों के निपटान का लक्ष्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में औषध विभाग ने अपने संबद्ध और अधीनस्थ संगठनों के साथ मिलकर 2 अक्टूबर , 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर विशेष अभियान 6 का औपचारिक शुभारंभ किया। इन संगठनों में राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण , भारतीय औषध और चिकित्सा उपकरण ब्यूरो , राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा और अनुसंधान संस्थान तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम शामिल हैं। 15 से 30 सितंबर 2026 तक चले गहन तैयारी चरण के दौरान प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित करने , स्थलों की पहचान करने और अभिलेखों की सूची तैयार करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। अब विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सक्रिय कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर लिया है। विशेष अभियान 6 के प्रमुख लक्ष्य एवं प्रारंभिक आंकड़े ·         स्वच्छता अभियान: संगठन की विभिन्न इकाइयों में और मुख्यालय से बाहर स्थित कार्यालयों में 12,208 स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित करने की योजना बनाई गई है। ·...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

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