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संदेश

सचिव (एमओईएफसीसी) ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के कार्य योजना की समीक्षा की

भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने आज दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने और शीतकालीन तैयारियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सरकार तथा शहरी निकायों की कार्य योजनाओं की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब तक अपने किए गए 11 प्रमुख कदमों तथा वायु गुणवत्ता सुधार हेतु विभिन्न हस्तक्षेपों की संतृप्ति प्राप्त करने हेतु q अपनी सभी नियोजित गतिविधियों की जानकारी दी। इनमें सड़क धूल, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) गतिविधियाँ, जैविक पदार्थ का खुला दहन, वाहनजनित प्रदूषण, यातायात जाम में कमी, औद्योगिक प्रदूषण, हरियाली करण तथा धान की पराली प्रबंधन जैसे वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों को संबोधित किया गया। राज्य सरकार ने विभिन्न एजेंसियों और स्थानीय निकायों के समन्वय से कई उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनसे उल्लेखनीय प्रगति हासिल हुई है। सचिव ने सड़कों के पुनर्विकास, प्रदूषण हॉटस्पॉट पर यातायात जाम में कमी, इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती और ईवी चार्जिंग अवसंरचना, उत्पन्न होने वाले 100% ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु ठोस अपशिष्ट प्रसंस...

नई तकनीक से डाई-दूषित अपशिष्ट जल के उपचार के लिए पर्यावरण का अनुकूलन

अपशिष्ट जल उपचार के लिए एक टिकाऊ , बहुक्रियाशील मशीन लर्निंग सक्षम फिल्टर , बायोडिग्रेडेबल पॉलीलैक्टिक एसिड ( पीएलए ) नैनोफाइबर के साथ ग्रीन - संश्लेषित जिंक ऑक्साइड ( जेडएनओ ) नैनोकणों को एकीकृत करके विकसित किया गया है। यह मशीन लर्निंग द्वारा समर्थित है और डाई - दूषित अपशिष्ट जल के उपचार के लिए एक पर्यावरण के अनुकूल मार्ग प्रदान कर सकता है। औद्योगिक गतिविधियों , विशेष रूप से वस्‍त्र उद्योग से लगातार जैविक रंगों का निर्वहन , एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौती का प्रतिनिधित्व करता है , क्योंकि ये यौगिक स्थिर , जहरीले और प्राकृतिक क्षरण का प्रतिरोधी हो सकते हैं। यह अनुसंधान टिकाऊ अपशिष्ट जल - उपचार प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता का समाधान करता है। मौजूदा अपशिष्ट जल - उपचार दृष्टिकोण जैसे सोखना , अवसादन और फ्लोक्यूलेशन प्रदूषकों को अलग कर सकते हैं लेकिन जरूरी नहीं कि उन्हें नष्ट कर दें। अत्यधिक स्थिर रंगों के लिए जैविक उपचार भी धीमा हो सकता है। फोटोकैटलिसिस एक आकर्षक विकल्...

औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण: नमामि गंगा के अंतर्गत विनियमों से सतत विकास

औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण नदी संरक्षण का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है, और विनियमन पारंपरिक प्रवर्तन से निरंतर अनुपालन, वैज्ञानिक निगरानी, ​​स्वच्छ उत्पादन, संसाधन दक्षता और तकनीकी सुधार की ओर तेजी से विकसित हो रहा है। नमामि गंगा कार्यक्रम के अंतर्गत, अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों (जीपीआई) की व्यवस्थित सूची तैयार करने और वार्षिक निरीक्षण, स्वतंत्र तकनीकी आकलन, क्षेत्र-विशिष्ट चार्टर लागू करने, सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (सीईटीपी) की निगरानी, ​​लक्षित कार्य योजनाओं और निरंतर नियामक अनुपालन के माध्यम से औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत किया गया है। ये सभी उपाय मिलकर उद्योगों के लिए प्रदूषण कम करने और जल एवं संसाधन दक्षता में सुधार लाने का एक अधिक जवाबदेह और टिकाऊ मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। आवधिक निरीक्षण से लेकर निरंतर अनुपालन तक राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण - सीपीसीबी के सहयोग से 2017 में शुरू हुई अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों (जीपीआईज) के लिए वार्षिक निरीक्षण तंत्र की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल रही है। यह कार्यक्रम गंगा बेसिन में ऐसे उद्योगों के 1...

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने सीआईआई सम्मेलन में भारत की सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग जगत और शहरी स्थानीय निकायों से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया

सरकार स्पष्ट नीतियों और नियामक सुधारों के जरिए अपनी नीतिगत इरादों को सार्थक कार्यों में बदल रही है: श्री भूपेंद्र यादव पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के चक्रीय अर्थव्‍यवस्‍था (सर्कुलर इकोनॉमी) पर आयोजित सम्‍मेलन को संबोधित किया। उन्होंने सर्कुलर इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट नीतियों , नियामक सुधारों , डिजिटल अनुपालन प्रणालियों और पूरी सरकार के सम्मिलित प्रयासों के माध्यम से नीतिगत इरादों को सार्थक कार्यों में बदलने के भारत के प्रयासों के बारे में बताया। श्री यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने  अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) से जुड़े कानूनी ढांचे को लगातार मजबूत किया है। इसके तहत नौ तरह के अपशिष्टों:  प्लास्टिक कचरा , बैटरी कचरा , ई-कचरा , पुराने टायर , इस्तेमाल किया गया तेल , उपयोग के अंत तक पहुंच चुके (एंड ऑफ लाइफ) वाहन , निर्माण और विध्वंस से निकला कचरा , अलौह धातु का कबाड़ (नॉन-फेरस स्क्रैप मेटल) और ठोस कचरा के लिए विशेष नियम...

सीएक्यूएम ने पंजाब और हरियाणा में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की, जमीनी स्तर पर तुरंत कार्रवाई करने का आह्वान किया

धान की पराली जलाने पर रोकथाम , सीआरएम मशीनरी के प्रभावी उपयोग , सख्त प्रवर्तन और प्रदूषण के अन्य प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण पर जोर दिया गया एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और नियंत्रित करने तथा वायु प्रदूषण के अन्य प्रमुख स्रोतों को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करने के उद्देश्य से अपने अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा की अध्यक्षता में , आज चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा की सरकारों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं। इस अवसर पर , जमीनी स्तर पर तुरंत कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। पंजाब सरकार के साथ हुई बैठक में , 15.05.2026 के सीएक्यूएम निर्देश संख्या 99 के अनुसार , धान की पराली जलाने को रोकने और नियंत्रित करने के लिए ' राज्य कार्य योजना ' को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। आयोग ने धान की पराली के प्रभावी प्रबंधन के लिए जमीनी स्तर पर लागू किए जा रहे उपायों , जिला-स्तरीय तैयारियों और निगरानी तंत्र की समीक्षा की। जिला और किसान स्तर पर फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी की उपलब्धता , ...

"इंसान को भी बचाओ और खेत को भी बचाओ": करनाल के तरावड़ी से केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया राष्ट्रव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' का आगाज

22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर में चलेगा महाअभियान ; वैज्ञानिक गांव-गांव जाकर जगाएंगे जन-जागरण की अलख- श्री शिवराज सिंह ·         प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिल में है तड़प- हमारी धरती और खेत स्वस्थ क्यों नहीं रह सकते ; मिट्टी को बंजर होने से बचाना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य: श्री शिवराज सिंह ·         हरियाणा को ग्रामीण विकास की बड़ी सौगात: 28,422 गरीब परिवारों के लिए 1,343 करोड़ रु. के पक्के मकान स्वीकृत , केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने सौंपी मंजूरी की चिट्ठी ·         सस्ती खाद का मतलब अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं: डेढ़ लाख करोड़ रु. से ज्यादा की सब्सिडी देकर किसानों को राहत दे रही सरकार , पर जरूरत के हिसाब से ही डालें यूरिया-डीएपी- श्री शिवराज सिंह ·         रासायनिक खादों और कीटनाशकों से बीमारियों का घर बन रहा शरीर ; सॉइल हेल्थ कार्ड देखकर ही डालें खाद , संतुलित पोषण अपनाएं किसान- श्री शिवराज सिंह ·     ...

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है

पर्यावरण को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने की प्रक्रिया भी इस वेब साईट पर प्रकाशित है
पर्यावरण नियमों का अनुपालन नहीं करने के आरोपी लोगों को दण्डित किये जाने की क़ानूनी प्रक्रिया और वर्त्तमान में लागु प्रावधान भी इस वेबसाइट पर प्रकाशित है - इसलिए इस वेब साईट से जानकारी लीजिये और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यवहारिक तौर पर संभव होने वाली क़ानूनी प्रक्रिया को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण का प्रयास कीजिये

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है

जानिए - पर्यावरण संरक्षण के व्यवहारिक क़ानूनी उपाय! जिनका प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण हेतु जरुरी है
इस वेबसाइट पर उपलब्ध है "पर्यावरण विधि का संकलन" - उल्लेखनीय है कि, हमारी जीवन दायिनी वसुंधरा के संरक्षण के लिए भारत गणराज्य द्वारा अधिनियमित प्रावधानों व नियमों का संक्षिप्त परिचय और विचारणीय पहलुओं को संकलित कर इस वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है तथा इस वेबसाईट पर पर्यावरण अधिनियम और नियम की जानकारी के साथ - साथ आपको... उन सभी कार्यवाही प्रक्रियाओं की भी जानकारी मिलेगी... जो पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित है

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट

पर्यावरण को संरक्षित करने के नियमों की जानकारी देने वाली वेबसाईट
पर्यावरण संरक्षण कार्यवाहियों की निगरानी सूचना का अधिकार आवेदन देकर व्यक्तिगत तौर पर करिए क्योंकि पर्यावरण को प्रदूषित कुछ लोग करते हैं और इस दुष्परिणाम सभी जिव, जंतु और मनुष्यों पर पड़ता है

प्रदुषण के प्रकार जानने के लिए निचे क्लिक करिये