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राष्ट्रीय जल पुरस्कार: भारत के संरक्षण चैंपियनों का सम्मान

मुख्य बातें

·        जल शक्ति अभियान, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी पहलों ने भारत की जल सुरक्षा को मज़बूत किया है।

·        छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में प्रेरक नवाचार और समुदाय-संचालित जल संरक्षण के लिए 10 श्रेणियों में 46 विजेताओं को सम्मानित किया गया।

·        राष्ट्रीय जल प्राधिकरण के साथ-साथ, देश भर में उत्कृष्ट समुदाय-संचालित जल संरक्षण पहलों के लिए प्रथम जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) पुरस्कार, 2025 भी प्रदान किए गए।

जब संरक्षण बने एक सामूहिक मिशन

जल हमेशा से भारत की विरासत, समृद्धि और प्रगति का केंद्र रहा है। देश का मानना है कि एक स्थायी और मज़बूत भविष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए अपने जल संसाधनों का मूल्यांकन और पुनरुद्धार पहले से कहीं अधिक अहमियत रखता है। लिहाज़ा भारत ने एक सामूहिक प्रयास के तहत नागरिकों, समुदायों और संस्थानों को जल के विवेकपूर्ण और नवीन उपयोग के लिए एक साझा प्रतिबद्धता में एकजुट किया है। जल प्रबंधन में अनुकरणीय कार्यों का सम्मान और प्रोत्साहन करने की ज़रुरत को समझते हुए, 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत की गई।

इन पुरस्कारों की परिकल्पना, जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार, नेतृत्व और समर्पण प्रदर्शित करने वाले व्यक्तियों, संगठनों और राज्यों को सम्मानित करने के एक मंच के रूप में की गई थी। यह पहल जल के ज़िम्मेदाराना उपयोग की तत्काल ज़रुरत पर फोकस करती है और जल संसाधनों के संरक्षण और पुनरुद्धार में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देती है। आउटरीच, शिक्षा और ज़मीनी गतिविधियों के ज़रिए, इस अभियान का मकसद व्यक्तियों, परिवारों और संस्थागत स्तर पर व्यवहार में बदलाव को प्रेरित करना है।

राष्ट्रीय जल पुरस्कारों को सशक्त बनाने वाला दृष्टिकोण

राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) उन व्यक्तियों और संगठनों के असाधारण योगदान को सम्मानित करते हैं, जो राष्ट्र को 'जल समृद्ध भारत', यानी जल-सुरक्षित और जल-समृद्ध भारत के दृष्टिकोण के करीब लाने में मदद करते हैं। एक सम्मान समारोह से कहीं अधिक, ये पुरस्कार जल संरक्षण में नवाचार, समर्पण और समुदाय-संचालित कार्रवाई का जश्न मनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाते हैं।

बदलाव के उत्प्रेरक के रूप में डिज़ाइन किए गए, इन पुरस्कारों का मकसद, जल के महत्वपूर्ण मूल्य के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना और स्थायी तथा कुशल जल-उपयोग प्रथाओं को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह वार्षिक आयोजन एक अनूठा मंच प्रदान करता है, जहाँ विविध हितधारक एक साझा मिशन के साथ एक जुट होते हैं। यह इस विचारधारा को भी पुख्ता करता है कि जल संरक्षण महज़ एक अकेला प्रयास नहीं, बल्कि एक सामूहिक प्रक्रिया है। यह आयोजन मज़बूत साझेदारियों को विकसित करने, पारस्परिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने और जल संसाधनों के प्रबंधन एवं संरक्षण में जन भागीदारी को गहरा करने में मदद करता है।

वर्ष 2024 के लिए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार आधिकारिक तौर पर 23 अक्टूबर 2024 को शुरू किए गए थे। इस पहल के तहत 751 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से संयुक्त पुरस्कार विजेताओं सहित 46 विजेताओं को 10 विभिन्न श्रेणियों में चुना गया है और ये पुरस्कार 18 नवंबर 2025 को प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में महाराष्ट्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद गुजरात दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा।

पुरस्कार विजेताओं की पूरी सूची देखने के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ:

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2188704

जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) पुरस्कार

जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (जेएसए: सीटीआर) के तहत 2024 में शुरू किए गए जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार, समुदाय द्वारा संचालित उत्कृष्ट जल संरक्षण प्रयासों को सम्मानित करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों के 100 योगदानकर्ताओं को सम्मानित करते हुए, यह पहल भूजल पुनर्भरण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए मापयोग्य मॉडलों को बढ़ावा देती है। जेएसजेबी अभियान के तहत, 35 लाख भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे नागरिकों, भागीदारों और स्थानीय निकायों की भागीदारी में खासी वृद्धि हुई है।

·        जेएसजेबी, वर्षा जल संचयन और पुनर्भरण संरचनाओं के ज़रिए जल संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है, जो अपने मूल लक्ष्यों से कहीं अधिक है।

·        इस वर्ष, 100 पुरस्कारों के लिए राज्यों, जिलों, नगर निकायों, गैर सरकारी संगठनों, उद्योगों, परोपकारी लोगों और अधिकारियों के योगदान को मान्यता दी गई।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

श्रेणी 1- तेलंगाना

श्रेणी 2- छत्तीसगढ़

श्रेणी 3- राजस्थान

पुरस्कार विजेताओं की पूरी सूची देखने के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ:

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2188706

भारत के जल-सुरक्षित भविष्य को आकार देना

भारत अपने जल भविष्य को सुरक्षित करने, जल-क्षमता को मज़बूत करने और देश भर के समुदायों के लिए स्थायी जल-पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कई तरह की बदलावकारी पहलों को आगे बढ़ा रहा है।

जल शक्ति अभियान: कैच द रेन: जल शक्ति अभियान: कैच द रेन (जेएसए: सीटीआर) एक राष्ट्रव्यापी जल-संरक्षण पहल है, जिसे प्रधानमंत्री ने 2021 में "वर्षा को, जहाँ भी गिरे, जब भी गिरे, संचयन करें" के नारे के साथ शुरू किया था। यह अभियान जल निकायों से गाद निकालने, वनरोपण और चेकडैम व जल-संचयन गड्ढों के निर्माण जैसी गतिविधियों के ज़रिए वर्षा जल संचयन और सतत् जल प्रबंधन पर ज़ोर देता है।

अटल भूजल योजना: वर्ष 2019 में शुरू की गई, यह एक समुदाय-नेतृत्व वाली, सहभागी भूजल प्रबंधन योजना है, जो 7 राज्यों की 8,203 जल-संकटग्रस्त ग्राम पंचायतों में संचालित है। इस योजना के तहत जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए करीब 81,000 सप्लाई साइड संरचनाओं का निर्माण या नवीनीकरण किया गया है और करीब 9 लाख हेक्टेयर भूमि को कुशल जल-उपयोग प्रथाओं के अंतर्गत लाया गया है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना: यह योजना कृषि में जल-उपयोग दक्षता में सुधार लाने, विश्वसनीय सिंचाई और फसल उत्पादकता बढ़ाने के मकसद से शुरू की गई। "हर खेत को पानी" और "प्रति बूँद अधिक फसल" के दृष्टिकोण के साथ, इसका मकसद सिंचाई कवरेज का विस्तार करना, सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना और जल स्रोतों, वितरण और उपयोग का एकीकृत प्रबंधन करना है।

अमृत 2.0: अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) एक पहल है, जिसका मकसद सभी वैधानिक कस्बों में सार्वभौमिक नल-जल कवरेज और 500 अमृत शहरों में पूर्ण सीवरेज, सेप्टेज प्रबंधन प्रदान करके शहरों को आत्मनिर्भर और जल-सुरक्षित बनाना है। इस मिशन के तहत 1,14,220.62 करोड़ रुपए की कुल 3,568 जल-आपूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, साथ ही 181 लाख नए नल कनेक्शन भी स्वीकृत किए गए हैं।

जल जीवन मिशन: 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन का मकसद प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल का जल उपलब्ध कराना है। तब से, 12.50 करोड़ परिवारों को नए जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे यह देश में सबसे तेज़ ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के विस्तार में से एक बन गया है। यह भूजल पुनर्भरण, ग्रेवाटर प्रबंधन, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को भी बढ़ावा देता है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय जल पुरस्कार एक ऐसे दृष्टिकोण को मूर्त रूप देते हैं, जो देश भर में विचारशील और प्रभावशाली जल पहलों को आगे बढ़ाने के एक आंदोलन के रूप में मान्यता से कहीं आगे तक फैला हुआ है। राज्यों, जिलों, संस्थानों, उद्योगों और व्यक्तियों के प्रयासों का जश्न मनाकर, ये पुरस्कार उन विविध तरीकों पर प्रकाश डालते हैं, जिनसे जल संरक्षण और प्रबंधन को रोजमर्रा की जिंदगी और शासन में एकीकृत किया जा सकता है। इससे भी अहम बात यह है कि ये जागरूकता की संस्कृति को पोषित करते हैं, जहाँ पानी को न केवल एक संसाधन के रूप में बल्कि राष्ट्रीय प्रगति के लिए ज़रुरी साझा विरासत के रूप में महत्व दिया जाता है। इन पुरस्कारों के ज़रिए यह पहल यह दर्शाती है कि सामूहिक प्रतिबद्धता चुनौतियों को अवसरों में कैसे बदल सकती है। जैसे-जैसे राष्ट्र अपने संरक्षण के चैंपियनों को सम्मानित कर उन्हें नई पहचान दे रहा है, ये पुरस्कार अनगिनत अन्य लोगों को इस यात्रा में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि भारत के विकास का जल सुरक्षा के साथ गहरा नाता हमेशा बरकरार रह सके। यह साबित करता है कि प्रभावशाली जल प्रबंधन ना सिर्फ मुमकिन हैं, बल्कि इसका सफर पहले ही जारी है।

संदर्भ

जल शक्ति मंत्रालय

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2188704

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2188706

https://www.mygov.in/campaigns/national-water-awards/

https://www.myscheme.gov.in/schemes/nwa

https://jsactr.mowr.gov.in/Website/index.aspx

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2147817

https://cgwb.gov.in/en/pmksy-hkkp-ground-water#:~:text=Pradhan%20Mantri%20Krishi%20Sinchayee%20Yojana,2019

https://www.pib.gov.in/PressReleseDetail.aspx?PRID=2182568

https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx

प्रेस सूचना ब्यूरो

https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?id=154737&NoteId=154737&ModuleId=3

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पीके/केसी/एनएस प्रविष्टि तिथि: 18 NOV 2025 by PIB Delhi (रिलीज़ आईडी: 2191589) आगंतुक पटल : 198

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