तेज़ी से बढ़ते शहरों में , पानी का इस्तेमाल होने के बाद पानी का चक्र खत्म नहीं होता। घरों , कारखानों और आस - पड़ोस से बहकर निकलने वाले पानी को बेकार नहीं माना जाना चाहिए। सही व्यवस्था के साथ , इस्तेमाल किए गए पानी को एकत्र किया जा सकता है , उसका उपचार किया जा सकता है , पुनर्चक्रित किया जा सकता है और फिर से काम में लाया जा सकता है। यह बदलाव ' स्वच्छ भारत मिशन - अर्बन ' (SBM-U) के अंतर्गत शहरी स्वच्छता के लिए नया दृष्टिकोण बना रहा है। इसके केंद्र में इस्तेमाल किए जा चुके पानी का प्रबंधन ( ' यूज़्ड वॉटर मैनेजमेंट ' (UWM)) है , जो इस्तेमाल किए गए पानी का उपचार करने , अनुपचारित सीवेज को जल स्रोतों में जाने से रोकने और सुरक्षित रूप से दोबारा इस्तेमाल करने पर बल देता है। इस प्रक्रिया में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ( एसटीपी ) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं , जो वेस्टवॉटर मैनेजमेंट को प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और आगे इस्तेमाल के लिए पानी बचाने के अवसर में बदल देते हैं। इस दृष्टिकोण को ' वॉटर प्लस ' सर्टिफ़िकेशन से और मज़बूती मिलती है , जो शहरों को घरों और व्यावसाय...
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