मिजोरम के प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय को जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत भारत के 21वें निर्दिष्ट भंडार के रूप में अधिसूचित किया गया, इस पदनाम से भारत-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट में जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक प्रलेखन को मजबूती मिलेगी
पर्यावरण , वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिजोरम विश्वविद्यालय , आइजोल स्थित प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय (एनएचएम) को जैव विविधता अधिनियम , 2002 की धारा 39 के अंतर्गत निर्दिष्ट भंडार के रूप में अधिसूचित किया है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की सिफारिश और प्रस्ताव की जांच के बाद केंद्र सरकार ने 19 जून 2026 को यह अधिसूचना जारी की। इस मान्यता के साथ एनएचएम भारत का 21 वां निर्दिष्ट भंडार बन गया है। यह निर्णय देश की जैव विविधता के संरक्षण , वैज्ञानिक अनुसंधान और जैविक नमूनों के सुरक्षित संग्रह एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निर्दिष्ट भंडार , भारत के जैव विविधता शासन तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। ये संस्थान जैव विविधता अधिनियम , 2002 के अंतर्गत प्राप्त प्रामाणिक जैविक नमूनों के सुरक्षित संग्रह , संरक्षण , अभिलेखीकरण और वैज्ञानिक प्रबंधन का कार्य करते हैं। इनके माध्यम से देश की जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित होता है तथा अनुसंधान , शिक्षा और जैव संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा मिलता है। मिजोरम विश्वविद्यालय , आइजोल स्थित प्राकृतिक इतिहास संग्रह...